- कई दिन बाद एक हजार से कम रही नये कोरोना संक्रमितों की संख्या
- कोरोना मरीजों के रिकवरी रेट में भी होने लगा सुधार, घट रही मृत्यु दर
लखनऊ। कोविड गाइडलाइन का पालन कराने के लिये उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती सख्ती, सरकार द्वारा बरती गयी सावधानी और लोगों की जागरूकता का असर अब कोरोना की रफ्तार पर रोक लगाता दिख रहा है। आज कई दिनों के बाद नये कोरोना संक्रमितों की संख्या एक हजार से कम रही। वहीं प्रदेश में मृत्यु दर घटने और रिकवरी रेट बढ़ने लगा है। लगभग 9 महीने से कोरोना के खौफ में जी रहे प्रदेश में अब थोड़ी राहत महसूस हो रही है।
कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने अनेक कड़े कदम उठाये थे। विवाह-सामूहिक आयोजनों में लोगों की संख्या सीमित करने, कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराने और सड़कों-बाजारों में निकलने वालों को मास्क पहनने के लिये प्रेरित करने और नियमों का पालन न करने वालों के चालान काटने जैसे अनेक सख्त कदमों का असर अब कोरोना की कम होते प्रसार के रूप में दिखने लगा है।
यूपी मे कई दिनो के बाद बीते चैबीस घंटों में एक हजार से कम यानी 959 नये कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं कोरोना से होनेे वाली मृत्यु दर में भी कमी आयी है और रिकवरी रेट बढ़कर 95.8 प्रतिशत हो गया है। वहीं कोरोना के कारण 13 लोगों की मौत हुई है। राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या अब 15371 हो गयी है।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल के अनुसार स्वास्थ्य मशीनरी की सक्रियता, कड़ी मेहनत और आम लोगों की जागरूकता तथा शासन स्तर पर लगातार की जा रही निगरानी की वजह से राज्य में कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम हुआ है। राज्य अब रोज एक लाख 90 हजार टेस्ट प्रतिदिन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस कोविड 19 की स्थिति की स्वयं प्रत्येक दिन समीक्षा करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न एजेन्सियों द्वारा प्रदेश के लगभग 24 करोड़ जनसंख्या के 17.31 करोड़ लोगांे का या तो टेस्ट किया गया, या हालचाल लिया गया है।

