देहरादून। भाजपा सरकार ने प्रदेश में मजारों की जांच की बात कहकर विपक्षी दल कांग्रेस को एक मुददा दे दिया है। प्रदेश में मजार की जांच का कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश में बाहर से आने वालों के सत्यापन के अलावा समान नागरिक संहिता को लेकर धामी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वालों के सत्यापन का कदम धर्म विशेष को ध्यान में रखकर सरकार उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मजारों की जांच होगी तो मंदिर मठों की जांच की मांग उठाने से किसी को रोका नहीं जा सकता। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर प्रदेशाध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा की धामी सरकार के ऊपर सांप्रदायिक वातावरण खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वर्तमान सरकार के दो-तीन निर्णय चिंता पैदा करने वाले हैं।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते हैं कि प्रदेश में जो बाहर से आ रहे हैं। उनका सत्यापन जरूर किया जाएगा। एक तथाकथित संत के पत्र के आधार पर सरकार ने यह कदम उठाया है। जितनी मजारें प्रदेश में बनी हैंं उनके भूमि के जांच की बात की जा रही है। जो कि चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 90 प्रतिशत मंदिर और मठ के अलावा आश्रम ऐसे ही बने हैं। उन्होंने कहा कि आज अगर मजारों की जांच होगी तो कल को कोई न कोई मंदिर-मठों की जांच की मांग उठाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में तपस्या करने गए संतों के आश्रम-मठ इसी तरह से बने हैं। इनकी जांच की मांग भी उठनी शुरू होगी। इससे धार्मिक माहौल खराब होने का अंदेशा है। सरकार वोटों के ध्रुवीकरण के अलावा और कुछ नहीं देखती। सीएम पुष्कर सिंह धामी के समान नागरिक संहिता बनाने पर भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाए।

