Traffic Volunteer Scheme – उत्तराखंड में आम लोग भी काट सकेंगे चालान

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देहरादून। उत्तराखंड की सड़कों पर जल्द ही आम लोग भी चालान काटते हुए दिखाई देंगे। उत्तराखंड पुलिस की ट्रैफिक वॉलंटियर स्कीम के तहत पुलिस अब आम लोगों का सहयोग लेने जा रही है। सड़कों पर आए दिन लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए अब उत्तराखंड पुलिस आम लोगों की मदद भी लेगी। ट्रैफिक वालंटियर स्कीम के तहत आम लोगों की मदद से ट्रैफिक जैम सहित यातायात के दूसरे कामों में उनका सहयोग लिया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस इस योजना को प्रदेश के 13 जिलों में लागू करने जा रही है इसके तहत लोग पुलिस की मदद कर सकते हैं।

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स्वेच्छा से आने वाले इन लोगों में वह लोग भी शामिल होंगे जो जागरूकता फैलाने, चालान काटने और सड़क पर काम करने वालों को शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत पुलिस की वर्क एफीसेंसी बढ़ाने के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में होगी। उत्तराखंड पुलिस के महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत लोगों को यातायात व्यवस्था के साथ जोड़ना है। जिसमें अपनी इच्छा से लोग अपनी भागीदारी तय कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि लोग इस योजना के तहत सड़क पर काम करने वाले, डिजिटल तौर पर काम करने वाले या फिर जागरूकता फैलाने में या चालान काटने में मदद करने आदि के लिए आ सकते हैं। इस योजना के उद्देश्य पर बात करते हुए महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा इस योजना में यातायात व्यवस्था के साथ आम लोगों की भागीदारी को जोड़ कर देखा जा सकता है। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केवल पुलिस का सिस्टम ही काफी नहीं है। इसमें लोगों की जागरूकता और उनकी भागीदारी भी अहम रोल निभा सकती है।

आपको बता दें कि उत्तराखंड के बड़े शहरों में यातायात को लेकर आए दिन अखबारों में सुर्खियां बनी रहती है। राजधानी देहरादून की बात करें तो सुबह ऑफिस टाइम और दोपहर में स्कूल टाइम के समय यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बेकाबू दिखाई देती है। धर्मनगरी हरिद्वार में शनिवार और रविवार को यातायात व्यवस्था भगवान भरोसे दिखाई देती है। उत्तराखंड पुलिस इस योजना के तहत ना केवल उत्तराखंड के शहरों की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहती है। बल्कि चार धाम यात्रा पर भी इसका सहयोग लिया जा सकता है।

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2 साल की कोविड प्रतिबंध के बाद इस बार खुली चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बंपर भीड़ आने की उम्मीद है। जिसके चलते यातायात व्यवस्था  में कठनाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इस योजना को कब और कहां से शुरू किया जाएगा। लेकिन डीजीपी उत्तराखंड के अनुसार इस योजना को प्रदेश के सभी 13 जिलों में लागू करने की कोशिश रहेगी। हालांकि इसकी शुरुआत राजधानी देहरादून से की जानी है

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