सीएम की बेटी ने दिया समाज को संदेश, मिल रही तारीफ

उत्तराखंडसीएम की बेटी ने दिया समाज को संदेश, मिल रही तारीफ

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सीएम की बेटी ने दिया समाज को संदेश, मिल रही तारीफ

सीएम की बेटी ने संक्रमण से ड्राइवर को बचाने के लिये खुद चलाई गाड़ी
अपने पिता सीएम रावत और मां को लेकर अस्पताल पहुंची, कराई जांच

देहरादून। कोरोना संक्रमण से खुद को बचाने के साथ दूसरों को भी बचाव करना आवश्यक है। यदि आप संक्रमित हो गये हैं तो आपको खुद से दूसरों को दूर रखने का प्रयास करना चाहिये ताकि उनका जीवन सुरक्षित रहे। भले ही आपको इसके लिये तकलीफ क्यों न उठानी पड़े। यह संदेश दिया है उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद सिंह रावत की बड़ी बेटी ने जो खुद गाड़ी चलाकर अपने पिता और मां को स्वास्थ्य जांच कराने के लिये अस्पताल लेकर पहुंची। सीएम की बेटी के इस प्रयास की भरसक तारीफ हो रही है और लोग इसे दूसरों के लिये नजीर बता रहे हैं।

हुआ यूं कि कोरोना संक्रमित पाए गये उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उनकी पत्नी एवं बेटी को सीटी स्कैन कराने के लिये दून अस्पताल जाना था। लेकिन तीनों संक्रमितों को ले जाने पर कार चालक के कोरोना संक्रमित होने का खतरा था। ऐसे में उनकी बड़ी बेटी ने खुद अपनी निजी गाड़ी की ड्राइविंग सीट संभाली और अपने सीएम पिता और मां को कार में बैठाकर दून अस्पताल पहुंच गयीं। गाड़ी चलाती सीएम की बेटी, उनके बगल में बैठे सीएम और पीछे की सीट पर मां को देखकर अस्पताल में चिकित्सक एवं स्टाफ हैरान रह गये। जब उन्हें पता चला की ड्राईवर को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिये सीएम की बेटी खुद गाड़ी चला रही हैं तो उन्होंने इस प्रयास की जमकर सराहना की। दून अस्पताल में सीटी स्कैन कराने और डाॅक्टर से परामर्श लेने के बाद बेटी ही गाड़ी चलाकर माता-पिता को घर ले गई।

सीएम की बेटी का यह प्रयास सराहनीय होने के साथ उन लोगो के लिये सबक भी है जो कोरोना संक्रमित होने के बावजूद अस्पताल में भी लाव-लश्कर लेकर पहुंचते हैं। जबकि उन्हें अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखना चाहिये ताकि कोरोना संक्रमण अन्य लोगों को प्रभावित न कर सके। वहीं आईसोलेशन में रहने के दौरान यथासंभव कार्य खुद करने से आप लोगो के जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं।

डा. आशुतोष सयाना, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना का कहना है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वयं से अन्य लोगों को संक्रमित होने से बचाना आवश्यक और सामाजिक जिम्मेदारी है। ऐसे में कोरोना संक्रमित होने के बाद आइसोलेशन में रहने एवं दूसरों के संपर्क में न आना आवश्यक है। सीएम की बेटी ने खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचकर समाज को संदेश दिया है। यदि समाज के हर व्यक्ति की सोच यह हो गयी तो निःसदंेह हम कोरोना संक्रमण को हराने में कामयाब होंगे।

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