प्रयागराज के बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में आज विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. मुख्यमंत्री ने इसके लिए जहाँ समाजवादी पर आरोप लगाया कि ये समाजवादी पार्टी के पोषित माफिया की करतूत है वहीँ अखिलेश यादव ने चैलेन्ज किया किया कि जिस सांसद की आप बात कर रहे हैं उस पार्टी का आप नहीं ले रहे हैं. अतीक अहमद बसपा के सदस्य है और बसपा से आपकी सांठगांठ है.
सपा पर लगाया संरक्षण का आरोप
मुख्यमंत्री ने आज सदन में कल प्रयागराज में हुई इस घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि वो इस सदन को विशवास दिलाना चाहते हैं कि जीरो टॉलरेंस के तहत सरकार अबतक जो कार्रवाई करती रही है, इस मामले में भी परिणाम भी शीघ्र ही सामने आएंगे, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। लेकिन ये जो अपराधी हैं, माफिया है आखिर पाले किसके द्वारा गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस माफिया के खिलाफ FIR दर्ज कराई गयी है क्या यह सच नहीं कि समाजवादी पार्टी ने उसको सांसद बनाया था.
अखिलेश ने किया पलट वार
मुख्यमंत्री के इतना कहने पर नेता विपक्ष भड़क गए और कहा कि वो समाजवादी पार्टी का नहीं पीस पार्टी का था, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पार्टी का हो, आप क्या सारे अपराधियों को पालेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ आप लोग अपराधियों का माल्यार्पण करेंगे और फिर दोषारोपण करेंगे, तमाशा बना रखा है आप लोगों ने. मुख्यमंत्री को जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा कि आप बताइये कि अतीक अहमद किस पार्टी का सदस्य है, वो बसपा का सदस्य है और आपकी बसपा के साथ सांठगांठ है इसलिए आप बसपा का नाम नहीं ले रहे हैं.
माफिया को मिटटी में मिलाने की बात
अखिलेश की बात पर भड़कते हुए मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि यह समाजवादी द्वारा पोषित माफिया हैं और इन्हें मिटटी में मिलाने का काम सरकार कर रही है, मैं हाउस में कहा रहा हूँ कि सरकार माफियाओं को मिटटी में मिला देगी। इस पर अखिलेश ने यह कहकर कि 6 साल से सरकार आपकी है. इस बीच सदन में लगातार दोनों तरफ से शोर गुल होता रहा.

