CCSU Meerut: 58 साल में CCSU ए प्लस प्लस हुआ, कभी तंबुओं में हुई थी पढ़ाई

उत्तर प्रदेशCCSU Meerut: 58 साल में CCSU ए प्लस प्लस हुआ, कभी तंबुओं...

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मेरठ। पश्चिम यूपी का एक मात्र शिक्षण संस्थान चौधरी चरण सिंह विवि। जिसने अपने जीवन के 58 साल पूरे किए। इन 58 साल में विवि ने कई नए आयाम स्थापित किए। इनमें से एक नैक ग्रेडिंग में ए प्लस प्लस ग्रेड का मिलना भी है। चौधरी चरण सिंह विवि के लिए नैक ग्रेडिंग में ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने से विवि के छात्रों की पढ़ाई का स्तर तो ऊंचा उठेगा ही, साथ ही अब चौधरी चरण सिंह विवि का दर्जा भी देश के

चुनिंदा विवि में शामिल हो गया।

मेरठ और सहारनपुर मंडल के अलावा इस विवि में मुरादाबाद मंडल तक के छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसके अलावा इस विवि में विदेशी भी शिक्षा ग्रहण करते हैं। देश की राजधानी दिल्ली की सीमा जुड़ा होने के कारण इसकी अहमियत और अधिक बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए है कि इस विवि से एक हजार से अधिक कॉलेज जुड़े हैं। कालेजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

1965 को हुई थी विवि की स्थापना

एक जुलाई 1965 को मेरठ यूनिवर्सिटी के रूप में ​अस्तित्व में आया था। इस एक जुलाई को 58 साल का पूरा हो जाएगा। उच्च शिक्षा के इतने सालों में एक संस्थान के तौर पर विवि की पहचान कभी अच्छे कामों के लिए हुई तो कभी कुछ कामों से शर्मसार भी हुआ। कई चुनौतियां विवि की राह में रहीं।

हावर्ड की तर्ज पर चला

एक जुलाई 1965 को विश्वविद्यालय का नोटिफिकेशन हुआ था। मेरठ विवि के संस्थापक कुलपति प्रो. आरके सिंह ने हावर्ड विश्वविद्यालय की तर्ज पर इसमें शिक्षा का स्तर शुरू किया था। देश के विश्वविद्यालयों में सर्वप्रथम मेरठ विश्वविद्यालय में सेमेस्टर सिस्टम और डिस्टेंस एजुकेशन की शुरुआत हुई थी।

तंबुओं में होती थी पढ़ाई

222 एकड़ में बने विश्वविद्यालय की पहली कक्षा बास बल्ली लगाकर तंबुओं में होती थी। तंबुओं की क्लास में एमफिल के छात्रों ने पढ़ाई की थी। साकेत के पास टंडन कोठी में कुलपति का आफिस रहा। नौचंदी के पास किराए के भवन में विवि का संचालन हुआ था। पहली क्लास विवि परिसर में खुले मैदान में टेंट लगाकर हुई थी। कुछ कक्षाएं मेडिकल कालेज में चलाई थी। इसके बाद परिसर में प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी और एमफिल की बिल्डिंग बनी।

नैक में ए प्लस प्लस बड़ी उप​लब्धि

चरण सिंह विश्वविद्यालय को नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड मिलना बड़ी उप​लब्धि माना जा रहा है। नैक में ए प्लस प्लस मिलने से सीसीएसयू देश के चुनिंदा विश्वविद्यालय में शामिल हो गया है। बता दें कि इससे पहले सीसीएसयू बी ग्रेड में शामिल था।

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