कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव जीतने पर राज्य में विकास का गुजरात मॉडल लागू करने के भाजपा द्वारा बार-बार किए जा रहे दावे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि लोग ऐसा नहीं होने देंगे। ममता ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ‘जयहिंद’ के नारे, ये सभी पश्चिम बंगाल से विश्व को दिए गए। भाजपा की कटु आलोचक एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “बंगाल उत्कृष्टता और मेधा को महत्व देता है। हम इसे गुजरात में तब्दील करने की इजाजत नहीं दे सकते।”
भाजपा को बताया बाहरी
ममता ने भगवा पार्टी पर ‘बाहरी होने’ के अपने आरोप की धार तेज करते हुए कहा, “बंगाल की धरती जीवन का स्रोत है। हमें इस मिट्टी को संरक्षित रखना होगा। हमें इससे गौरवांन्वित होना होगा। ऐसा कोई नहीं हो सकता है जो बाहर से आए और कहे कि यह स्थान गुजरात में तब्दील हो जाएगा।”
विभाजन की इजाजत नहीं
उन्होंने कहा, “हमारा संदेश यह है कि हम सभी के लिए हैं…मानवता सभी के लिए है, चाहे वह सिख, जैन या ईसाई हो। हम उनके बीच विभाजन की इजाजत नहीं देंगे।” वहीं, तृणमूल कांग्रस के वरिष्ठ नेता सौगत राय ने पार्टी छोड़ कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर के कोंटई में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “कोंटई किसी परिवार की जमींदारी नहीं है। समंदर से दो घड़ा जल निकाल लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।” पूर्वी मेदिनीपुर अधिकारी का गृह जिला है।
शुभेंदु ने विश्वसनीयता खोई
उन्होंने कहा कि अधिकारी ने हिंदुत्व ताकतों के साथ हाथ मिला कर अपनी विश्वसनीयता खो दी है। उन्होंने दावा किया, “शुभेंदु कोई दिग्गज नेता नहीं थे। प्रथम दो उपचुनाव हारने के बाद उन्हे 2009 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने उम्मीदवार बनाया था और वह जीते थे। वह 2014 का लोकसभा चुनाव और 2016 का विधानसभा चुनाव भी पार्टी के समर्थन से ही जीते थे।” उन्होंने अधिकारी को गद्दार करार देते हुए उन पर बंगाल की राजनीति को निम्न स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया।

