मेरठ। जीएसटी (GST) को पारदर्शी बनाने और टैक्स चोरी को रोकने के लिए अब सरकार ने नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है। इस नए नियम के अनुसार अब 20 करोड रुपये से अधिक की सेल पर व्यापारियों को ई इनवाइस E-invoice) की प्रक्रिया जारी करना जरूरी कर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो व्यापारी को भारी भरकम जुर्माना की प्रक्रिया से गुजराना होगा। एडीशनल कमिश्नर जीएसटी मेरठ ने बताया कि पहले चरण में पांच करोड से अधिक सालाना बिक्री करने वाले व्यापारियों के लिए यह अनिवार्य किया जाएगा। यह अक्टूबर तक अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके लिए जीएसटी विभाग द्वारा अलग से पोर्टल बनाया जाएगा। इन पोर्टल पर ही मात्र चंद सेंकेडों में ही इनवाइस जारी कर दी जाएगी। एक बार इनवाइस जारी हो गई तो उसको निरस्त नहीं किया जा सकता है। ई—वे बिल जारी होने के बाद व्यापारी को काफी परेशानियों से बचा सकेगा। ई वे बिल (E-way bill) जारी होने के बाद रिटर्न फाइल करने और डेटा एंटी के झंझट से भी व्यापारी को मुक्ति मिलेगी।
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उन्होंन एडीशनल कमिश्नरी जीएसटी केपी सिंह ने बताया कि आइटीसी ब्लाक करने की प्रक्रिया को भी तर्क संगत बनाया गया है। इससे सरकार ने व्यापारियों को राहत प्रदान करने का काम किया है। अब अधिकारी केवल उसी वास्तुस्थिति में आईटीसी (ITC) को ब्लाक कर सकेंगे जबकि उनके पास कोई ठोस सबूत होगा। बिना ठोस सबूत के आईटीसी ब्लाक करने पर अधिकारी को भी स्पष्टीकरण देना होगा। वहीं जितने रुपये की जांच हो रही है। उतने की ही आईटीसी को ब्लाक करना होगा। पूरी आईटीसी नहीं ब्लाक की जाएगी। एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन एमपी सिंह ने कहा कि जीएसटी के नए पोर्टल से व्यापारियों को हर वो सुविधा घर बैठे मिलेगी जिसके लिए उसको परेशान होना पड़ता हे।

