- कमलनाथ ने कहा, सत्ता के नशे में चूर हो गए हैं भाजपा नेता
मध्य प्रदेश। हमारी एक जेब में ब्राह्मण और दूसरी में बनिया हैं का विवादित बयान देकर भाजपा नेता ने पार्टी को मुश्किलों में डाल दिया है। अब विपक्ष उनपर हमलावर है और भाजपा नेताओं पर सत्ता के नशे में चूर होने का आरोप लगा रहा है।
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दरअसल मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधर राव की जुबान पत्रकारों के एक सवाल पर फिसल गयी। उनसे पत्रकारों ने पूछा की कभी ब्राह्मण-बनिया की पार्टी बताई जाने वाली भाजपा कभी एससी, एसटी और ओबीसी की पार्टी क्यों कहलाती है? विकास की बात करने वाले जाति के नाम पर ही वोट क्यों मांगते हैं?
इस सवाल से बौखलाए पी. मुरलीधर राव कह बैठे की हमारी एक एक जेब में ब्राह्मण और दूसरी में बनिया हैं। अब बात जुबां से निकली तो उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया। उन्होंने बात पलटते हुए कहा कि भाजपा में जब ब्राह्मण नेता अधिक थे, तब मीडिया ही भाजपा को ब्राह्मणों की पार्टी कहती थी। लेकिन बनिये नेता पार्टी में ज्यादा हुए तो मीडिया ने भाजपा को बनियों की पार्टी बताया। लेकिन हमने अपनी विचारधारा नहीं बदली। हम भाजपा को सबकी पार्टी बनाने के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा अनुसूचित-जाति और जनजाति और ओबीसी वर्ग पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधर राव के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के नेता सत्ता के नशे में चूर हो गए हैं। कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा ‘सबका साथ – सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा के मध्यप्रदेश के प्रभारी कह रहे है कि हमारी एक जेब में बनिया है, एक जेब में ब्राह्मण है। कमलनाथ ने इस बयान को दोनों वर्गों का घोर अपमान बताते हुए कहा कि भाजपा के मुताबिक ये दोनो वर्ग (ब्राह्मण और बनिया) उनकी बपौती है, उनकी जेब में है।’
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कमलनाथ ने आगे कहा कि जो लोग सबका साथ- सबका विकास का नारा देते है, वो आज एक वर्ग को फोकस करने की बात कर रहे है और दो वर्गों का खुलेआम अपमान कर रहे है, इनकी यह कैसी मानसिकता, कैसी सोच?
कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि इनकी नीति- नियत – सिद्धांत सब सत्ता तक ही सीमित है, सत्ता की हवस के लिये भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है।

