साउथैंप्टन. ऑस्ट्रेलिया के उप कप्तान पैट कमिंस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की टीम मार्कस स्टोइनिस को पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी जैसा फिनिशर बनाना चाहती है. इस ओर ऑस्ट्रेलिया टीम स्टोइनिस की मदद करना चाहती है.
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में शुक्रवार को स्टोइनिस ने 18 गेंद में नाबाद 23 रन की पारी खेली थी. इसके बावजूद मेहमान टीम यह टी-20 दो रन से हार गई.
ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक समय दो विकेट पर 124 रन था, लेकिन उन्होंने अगले 24 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए. ऑस्ट्रेलिया टीम के पास शीर्ष क्रम पर काफी शानदार बल्लेबाज हैं,
लेकिन विश्व की नंबर एक टी-20 टीम मध्य क्रम में एक ऐसे बल्लेबाज को ढूंढ रही है जो मैच को खत्म कर सके. बिग बैश लीग के पिछले सत्र में स्टोइनिस ने ओपनिंग करते हुए 705 रन बनाए थे. हालांकि, उनमें छोर बदलने की कला नहीं है, यही वजह है कि उन्हें 2019 विश्व कप में नहीं चुना गया था.
बेस्ट प्लेयर हैैं स्टोइनिश
रविवार को होने वाले दूसरे टी-20 से एक दिन पहले कमिंस ने कहा कि हम सभी इस बारे में बात करते हैं कि वे सभी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, जब वह घरेलू क्रिकेट में खेलते हैं. आप मध्य क्रम को लेकर किसी भी टीम पर सवाल उठा सकते हैं. यही हमने पहचाना है और हम इस स्थान पर एक खिलाड़ी को तैयार करना चाहते हैं, एक एमएस धौनी की तरह का खिलाड़ी जो विश्व में सर्वश्रेष्ठ थे. उनके पास 300-400 वनडे का अनुभव था. आपने हमारे अभ्यास मैचों में देखा होगा कि हमने इस स्थान के लिए कई खिलाडिय़ों को मौका दिया. कमिंस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने हर स्थान के लिए खिलाडिय़ों को चुन लिया है और हम उन्हें अपना स्थान बनाने के लिए अधिक से अधिक मौके देना चाहते हैं. हमें पता है कि यह एक रात में नहीं होने वाला है. चयनकर्ताओं और कप्तान आरोन फिंच ने इस पर बात की है. मुझे लगता है कि हमारे पास सही टीम है और सभी को कुछ मैच मिलने की जरूरत है, जिससे सभी लय में आ जाएंगे.
नहीं पड़ा प्रदर्शन में फर्क
ऑस्ट्रेलिया ने छह महीने बाद अपना कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला. इस पर कमिंस ने कहा कि यह अजीब था. मुझे नहीं लगता कि इससे किसी के प्रदर्शन पर फर्क पड़ा लेकिन हां यह अजीब था. जब स्टार्क ने पहला ओवर नहीं फेंका था तब तक बहुत अजीब लग रहा था, लेकिन जैसे ही मैच आगे बढ़ा हम इसमें रम गए. कमिंस ने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैदान पर दर्शकों के नहीं होने से कोई फर्क पड़ा, लेकिन हां इंग्लैंड में थोड़ा अजीब लगा कि मैदान पर दर्शकों के गाने सुनने को नहीं मिले.

