नेशनल क्राइम ब्यूरो द्वारा अभी हाल ही में जारी देश मैं अपराध को लेकर तमाम आंकड़े जारी किये गए जिसमें बलात्कार के भी आंकड़े थे कि किस प्रदेश में इस घिनावने अपराध के कितने मामले दर्ज हुए और इन आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान बलात्कार की घटनाओं के बारे नंबर एक पर है. राजस्थान में बलात्कार की इन बढ़ती घटनाओं पर मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने के एक बहुत कड़वी मगर सच्ची बात कही है, हालाँकि राजनीतिक दृष्टि से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।
दरअसल अशोक गेहलोत ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर कहा कि ज़्यादातर रेप की घटनाओं में परिवार वाले या जान पहचान वाले ही सामने आते हैं उन्होंने तंज़ करते हुए कहा कि कोई विदेश से आकर रेप की घटनाओं को अंजाम नहीं देता, बलात्कार की अधिकांश घटनाएं रेप पीड़िता के सगे सम्बन्धी ही अंजाम देते हैं. NCRB के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में प्रतिदिन 17 महिलाओं और युवतियों का बलात्कार होता है। बलात्कार की घटनाओं के मामले में राजस्थान पिछले तीन साल से टॉप पर है।
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मुख्यमंत्री गहलोत ने आधे आंकड़ों को झूठे बताते हुए कहा कि झूठे मामले दर्ज कराने वालों को छोड़ना नहीं चाहिए। उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए की दोबारा झूठे मुकदमे दर्ज कराने से पहले सौ बार सोचें. अशोक गहलोत ने कहा कि किसी राज्य का क्राइम ग्राफ बढ़ने से सिर्फ उस राज्य की बदनामी नहीं होती बल्कि देश की भी बदनामी होती है इसलिए फ़र्ज़ी मामले दर्ज कराकर प्रदेश और देश को बदनाम करने वालों पर सख्त कार्रवाई होना ज़रूरी है.

