- मेरठ में अखिलेश और जयंत ने भीड़ जुटाकर बीजेपी को चेतावनी दी
- किसानों, युवओं और कर्मचारियों को साधा, बीजेपी की दुखती रग पर किए वार
ऊषा सिंह
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हुए सपा और आारएलडी ने मेरठ के दबथुआ में पहली रैली कर अपने मजबूत गठबंधन का सीधा संदेश दिया। इस रैली में भारी भीड़ जुटाकर पश्चिमी यूपी में बीजेपी को बड़ी चेतावनी भी दे डाली। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि ये रैली बीजेपी के लिए रेड एलर्ट है। रैली के जरिए अखिलेश और जयंत चौधरी दोनों ने बीजेपी की हर दुखती रग पर वार किए। खासतौर से बीजेपी से नाराज किसान, युवाओं और कर्मचारियों को साधते हुए बीजेपी पर खूब हमले किए।

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मंच, भाषण और नारों में किसान
रैली में मंच पर चौधरी अजीत सिंह के बड़े-बड़े कटआउट के साथ ही गन्ना भी बांधा गया। इन प्रतीकों के जरिए सीधे किसानों को साधा। अखिलेश यादव ने एक नया नारा भी दिया-‘किसानों का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा’। उन्होंने चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए अपनी बात शुरू की और कहा कि मेरठ की धरती ने चौधरी चरण सिंह जैसे लोगों को जन्म दिया, जिन्होंने किसानों के हित में काम किया। अखिलेश यादव ने कहा कि आज का ये जनसैलाब और जोश बता रहा है कि इस बार पश्चिमी यूपी से बीजेपी का सूरज डूब जाएगा और हमेशा के लिए डूबेगा।
किसान और नौजवान
जयंत चौधरी ने भी किसानों की संवेदनाओं को छूते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो सबसे पहले मेरठ में किसानों के लिए हम एक स्मारक बनवाएंगे। इसके जरिए शहीद किसानों की कुर्बानी याद की जाएगी। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि योगी औरंगजेब पर बात शुरू करते हैं और पलायन पर आ जाते हैं। परीक्षाएं करा नहीं पाते। मजबूर होकर नौजवान दूसरे प्रदेश जाकर नौकरी ढूंढ़ते हैं। ये पलायन नहीं दिखता। बाबाजी को गुस्सा बहुत आता है। उनको 2022 में इतना फ्री कर देंगे कि वे गोरखपुर में जाकर बछड़ों क साथ खेलें।
बीजेपी पर निशाना
जयंत ने बीजेपी के पश्चिमी यूपी के नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि राजनीति में अक्सर फायर ब्रांड शब्द का बहुत प्रयोग होता है। एक साल से किसानों का अपमान हुआ लेकिन बीजेपी के किसी भी नेता की एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं हुई। किसानों के मामले में बीजेपी को दाढ़ी भी मुंडवानी पड़ी और नाक भी कटवानी पड़ी।

डबल इंजन बनाम नया डबल इंजन
जयंत चौधरी ने बीजेपी की डबल इंजन की सरकार पर निधाना साधा। उन्होंने कहा कि आपने बिनौर में देखा कि विधायक ने नारियल फोड़ा और सड़क टूट गई। उन्होंने कहा कि आज इसी मंच से गठबंधन का ऐलान करता हूं। उन्होंने इस गठबंधन को डबल इंजन का नाम दिया और कहा कि यह सरकार आएगी तब प्रदेश को नया आयाम देगी।
रैली की खास संदेश
-इस रैली से एक बात साफ है कि दोनों नेताओं ने अपनी पिच पर बैटिंग की। किसान, बेरोजगार और और कर्मचारियों को साधा। वे बीजेपी के जिन्ना, मंदिर-मस्जिद, हिंदू- मुसलमान जैसे बीजेपी के जाल में नहीं फंसे। मतलब यह कि पश्चिमी यूपी में तो खासतौर से दोनों दलों की यह रणनीति रहने वाली है।
-दोनों नेताओं के भाषण के अलावा नारों और प्रतीकों के जरिए भी किसानों को साफ संदेश दिया कि बीजेपी ने उनके साथ कितना गलत किया।
-अखिलेश और जयंत कोकार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, चौधरी अजित सिंह और कल्याण सिंह की तस्वीर भेंट की। इन प्रतीकों के जरिए दलित, जाट और अन्य पिछड़ा वर्ग को साधने की कोशिश की।

