भारत देश संतो और मुनियों का देश रहा है। साधु संतों की इस पावन भूमि के कण-कण में ईश्वर का वास है। मनुष्य इस भूमि के सानिध्य में रहकर धन्य हो जाता है। समय-समय पर साधु संत अपनी कृपा दृष्टि से मनुष्य को जीवन जीने का सार भी देते हैं। साधु संतों की तपोस्थली रही इस भूमि पर जगह जगह उनकी कृपा बरसती है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भी एक ऐसी ही जगह है जहां साधु संतों ने अनेक वर्षों तक तप किए हैं। आज भी यहां संतों का वास है माना जाता है। कहा जाता है कि इस स्थल के दर्शन मात्र से ही मनुष्य के कष्ट दूर होने शुरू हो जाते हैं। दिल्ली रोड स्थित माधवपुरम चौक पर बने इस मंदिर का नाम है बाबा ज्वाला गिरी आश्रम मंदिर। यहां संत- साधुओं का अखाड़ा है। कहते हैं कि इस मंदिर में आने वाले भक्तजन कभी भी खाली हाथ नहीं लौटते हैं।
जल चढ़ाने से होती है मनोकामना पूरी
आश्रम के अंदर प्रवेश करते ही जहां असीम शांति का अनुभव होता है वहीं प्रकृति के करीब होने का एहसास होता है। इस प्राचीन मंदिर परिसर में शिवलिंग स्थापित हैं। कहा जाता है कि ये सिद्ध शिवलिंग हैं। प्रचलित किस्सों के अनुसार यहाँ पर आश्रम के एक महंत की समाधि हैं। बहुत साल पहले महंत इसी शिवलिंग की पूजा करते थे। उनके समाधि लेने के बाद शिवलिंग को यही स्थापित करवा दिया गया। इस शिवलिंग पर रोजाना जल चढ़ाने भर से मनुष्य के कष्ट दूर हो जाते हैं।

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हर बाधा और दोष होते हैं दूर
इस आश्रम में शनि मंदिर भी स्थापित है। यहां हर शनिवार को भारी संख्या में भक्तों का तांता लगता है। कहते हैं कि यहां मनुष्य के हर दोष और बाधा से उसे मुक्ति मिल जाती है। जो भी सच्चे मन से नियम बनाकर इस मंदिर में पूजा- अर्चना करता है उसकी हर मुराद पूरी होती है |
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जप-तप से मिलता है लाभ
बाबा ज्वाला गिरी आश्रम में साधु संत रहते हैं। जो ध्यान मग्न होकर पूजा पाठ करते हैं। अनेकों वर्षों से मंत्र जाप और तप की वजह से यह भूमि अत्यंत पावन है। यहां आने से भक्तों को जप-तप का लाभ भी मिलता है। वहीं साधकों को भी यहां अनेकों अनेक अनुभूतियां होती है। कहां जाता है कि इस मंदिर में ध्यान करने से मन के कई विकार भी दूर होते हैं।

