वाराणसी में आईआईटी बीएचयू की छात्रा से गैंगरेप के दो आरोपियों के जेल से रिहा होने के बाद राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि बीएचयू गैंगरेप के तीन आरोपियों में से दो को जिनमें से एक भाजपा के आईटी सेल के पदाधिकारी के तौर पर काम वाला व्यक्ति है, जमानत मिलने की खबर निंदनीय और चिंताजनक दोनों है। वहीँ सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल है जिसमें वाराणसी कैंट के भाजपा विधायक जेल से बाहर आये एक आरोपी सक्षम के साथ जन्मदिन की खुशियां मनाते और उसके चेहरे पर केक मलते हुए दिखाई दे रहे हैं, हालाँकि बाद में विधायक की तरफ से सफाई भी आयी जिसमें उन्होंने फोटो को पांच साल पुरानी बताया है.
अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल यह है कि बलात्कारियों के लिए कोर्ट में घटिया दलील देने के लिए उन पर कौन दबाव बना रहा था। देश की बेटियों का मनोबल गिराना शर्मनाक बात है। उन्होंने कहा कि न केवल ये बलात्कारी बाहर आए बल्कि ऐसी खबरें भी हैं कि भाजपा की परंपरा के अनुसार उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि क्या भाजपा इस बारे में देश की बहनों-बेटियों से कुछ कहना चाहेगी? उम्मीद है कि सच्ची पत्रकारिता करने वाली सभी महिला एंकर इस बारे में शो जरूर करेंगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या देश के ‘प्रधान संसदीय’ क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं को बलात्कार करने की विशेष छूट और आजादी है? गैंगरेप के आरोपियों के जेल से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली है. दो आरोपियों में से एक को 2 जुलाई और दूसरे को 4 जुलाई को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. रेप के आरोपियों को ज़मानत मिलने पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने अदालत में केस को ठीक से नहीं लड़ा.

