कृषि कानून खत्म लेकिन बीजेपी से नाराजगी जारी, संयुक्त किसान मोर्चा ने तैयार की रणनीति

उत्तर प्रदेशकृषि कानून खत्म लेकिन बीजेपी से नाराजगी जारी, संयुक्त किसान मोर्चा ने...

Date:


कृषि कानून खत्म लेकिन बीजेपी से नाराजगी जारी, संयुक्त किसान मोर्चा ने तैयार की रणनीति

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बीजेपी के खिलाफ राकेश टिकैत व योगेंद्र यादव ने खोला मोर्चा

लखनऊ। संयुक्त किसान मोर्चा – किसानों की नाराजगी भाजपा के प्रति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जबकि, केंद्र की मोदी सरकार ने करीब 13 महीने तक चले लंबे आंदोलन के बाद कृषि कानूनों का वापस लेने का ऐलान कर दिया था। उसके बाद भी किसान भाजपा के प्रति लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा ने संयुक्त बयान जारी कर रहा है कि इस चुनाव में किसान विरोधी बीजेपी को सजा दें। सोमवार को किसान नेता राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, डॉ. दर्शन पाल, हन्नान मोल्ला, जगजीत सिंह, जोगिंदर सिंह उगराहां, शिव कुमार कक्का, युद्धवीर सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।

Read also: बिजनेस बाइट्स की राकेश टिकैत से खास बातचीत

राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपा की सरकार लगातार किसानों के विरोध में काम करती रही है। हमने कई बार सरकार से बात की लेकिन आधिकारिक रूप से कोई भी फैसला हमारे पक्ष में नहीं है। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने कृषि कानूनों का वापस तो ले लिया लेकिन अभी एमएसपी गारंटी कानून जैसे मुद्दे हमारे लिए प्रमुख हैं। अगर सरकार ने हमारी मांगों को सुन लिया होता तो हम इस तरह से विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे होते। किसान आंदोलन की शुरूआत में ही कह दिया गया था कि इसमें राजनीतिज्ञों को शामिल नहीं किया जाएगा। लेकिन, चुनावों में बीजेपी की खिलाफत करने और मंच पर सीपीआईएम के नेता और पूर्व सांसद हन्नान की मौजूदगी को लेकर जब डेली इनसाइडर ने सवाल किया तो राकेश टिकैत बिफर गए। उन्होंने कहा कि क्या हम चुनाव लड़ने जा रहे हैं? अगर चुनाव लड़ रहे हैं आप हमारा पर्चा खारिज करवा दीजिए।

Read also: केन्या के पूर्व पीएम ओडिंगा ने पीएम मोदी से की मुलाकात

पीएम मोदी ने नहीं पूरा किया वादा

योगेंद्र यादव ने भी डेली इनसाइड के सवालों पर कहा कि पीएम मोदी ने किसानों से अपना किया वादा पूरा नहीं किया है। हम किसी भी चुनाव में उतरने के लिए नहीं आये हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संयुक्त किसान मोर्चा को इस तरह चुनावों में दखल देना पड़ रहा है। इसमें हमारी किसी को लेकर कोई मंशा नहीं है। हम बस लोगों से बताना चाह रहे हैं कि किस तरह से वादाखिलाफी हुई है। योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत ने कहा कि घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय नेताओं से बात की जाएगी। हम किसी पार्टी के समर्थन में नहीं बात करेंगे, हमारी कोशिश बस इतनी बताने की है कि यह चुनाव बेहद जरूरी हैं। मुद्दों पर वोट करें। एक बड़ा वर्ग आज भी किसानी से जुड़ा हुआ है, उसके हक की बात होनी चाहिए। उसे अपने मुद्दों पर वोट करने का हक प्राप्त है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related