- ब्लॉक रजपुरा में हुआ घर घर सर्वे
- नोडल अधिकारी भी रहे मौजूद
मेरठ। पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे अभियानों का जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले के कई गाँवो में दौरा करते हुए बारीकी से निरीक्षण किया। ब्लॉक रजपुरा में पहुँचे प्रशासनिक अमले ने विभिन्न गाँवो का दौरा करते हुए घर-घर सर्वे अभियान, विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान व राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत बनाई गई पाइप्ड पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया.
सीडीओ ईशा दुहन , एसडीएम अंकित खण्डेलवाल, नगर मजिस्ट्रेट सत्येन्द्र कुमार एवं नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद ने रविवार को ब्लाक रजपुरा के ग्राम सलारपुर, ग्राम सैनी, ग्राम नगला शेखू ,ग्राम मोरना व ग्राम रुकनपुर में कोरोना के संदिग्ध मरीजों व गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे घर-घर सर्वे अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की धरातल पर जांच की। अधिकारियों ने दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि कोई घर सर्वे से ना छूटे तथा आमजन से अपील की कि वह सर्वे टीम को अपना पूरा सहयोग प्रदान करें तथा यदि किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है या स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी है तो वह स्वयं आगे आकर अपना इलाज कराए, प्रशासन उनका पूर्ण सहयोग करेगा | उन्होंने निर्देशित किया कि कोरोना के सभी संदिग्ध व्यक्तियों की जांच अवश्य कराई जाए। अधिकारियों की टीम ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे सफाई अभियान का निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्रामों में एंटी लारवा व फागिंग कराई जाए, साथ ही आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जाए ताकि वह स्वच्छता के लिए स्वयं आगे आएं।
नोडल अधिकारी ने ग्राम मोरना व ग्राम रुकनपुर मे राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत बनाई गई पाइप्ड पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करते हुए कहा कि पाइप्ड पेयजल योजनाओं के अच्छे व सुलभ संचालन के लिए शासन द्वारा निर्धारित दर पर पेयजल की आपूर्ति के लिए कनेक्शन धारकों से शुल्क लिया जाए।उन्होंने कहा कि ग्राम वासियों को अच्छा व स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा बंद पड़ी पाइप्ड पेयजल योजनाओं को जल्द से जल्द चालू किया जाए।अधिशासी अभियंता जल निगम मुकेश पाल सिंह ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत 104 पाइप्ड पेयजल योजनाएं विभिन्न ग्रामों में बनाई गई हैं, जिसमें से 89 संचालित हैं तथा शेष अक्रियाशील योजनाओं के विद्युत कनेक्शन व अन्य कार्यों के एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि 15 अक्रियाशील पाइप्ड पेयजल योजनाओं को भी जल्द प्रारंभ कराया जायेगा |

