लखीमपुर खीरी। प्रदेश और देश की राजनीति में भूचाल लाने वाला लखीमपुर खीरी का तिकुनियां हिंसाकांड में अब एक और नया मोड़ आया है। तिकुनियां कांड के गवाह और भाकियू नेता दिलबाग सिंह ने शस्त्र लाइसेंस पाने के लिए अपने ही ऊपर जान लेवा हमला करवा लिया। यह पूरा मामला जांच में सामने खुलता चला गया। जब भाकियू नेता के दोस्तों से पूछताछ में मामला खुलता चला गया। बता दें कि बेहद चर्चित उपद्रव तथा हिंसा के गवाह भाकियू नेता दिलबाग सिंह पर बीती मंगलवार की रात में जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले की पोल पुलिस ने खोल दी है। बताया जाता है कि भाकियू नेता दिलबाग ने शस्त्र लाइसेंस के लिए अपने दोस्तों से खुद पर हमला करवाया। भाकियू टिकैत ग्रुप के लखीमपुर खीरी के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह पर कोतवाली के भदेंड में हमला हुआ था। किसान नेता दिलबाग सिंह की गाड़ी पर कई राउंड फायरिंग की गई थी। भाकियू जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह पर हमले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना से बयान मेल नहीं खा रहे। इसकेा लेकर पुलिस ने पहलुओं की गहनता से जांच की तो पूरे मामले का राजफाश हो गया।
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लखनऊ से आई बैलिस्टिक जांच टीम ने उन सभी स्थान का निरीक्षण किया। जहां पर घटना हुई थी। टीम ने भाकियू जिलाध्यक्ष की गाड़ी की जांच की। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। इस रिपोर्ट में बैलिस्टिक टीम ने दो प्रमुख टिप्पणियां दी। जिसमें कहा गया कि गाड़ी के टायर पर मारी गई गोली वादी के कथन के विपरीत खड़ी गाड़ी में मारी है। दूसरी यह कि गाड़ी के शीशों पर गोलियां एफआइआर में बताए गए तथ्यों के विपरीत दिशाओं से खड़ी अवस्था में चलाई गई।

