पुलिस उपाधीक्षक के रूप में चयनित अभ्यर्थी अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे: मुख्यमंत्री

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पुलिस उपाधीक्षक के रूप में चयनित अभ्यर्थी अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे: मुख्यमंत्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां लोक भवन में एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2018 में चयनित पुलिस उपाधीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन पुलिस उपाधीक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में की जाने वाली सभी भर्तियों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से पुलिस उपाधीक्षक के रूप में चयनित योग्य अभ्यर्थी अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नव चयनित पुलिस उपाधीक्षक अब विश्व के सबसे विशाल नागरिक पुलिस बल का हिस्सा बनने जा रहे हैं। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को शुरुआत में ही अपने लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी और लगन से काम करने का गुरुमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारी तेजी से उन्नति करते हैं। पुलिस उपाधीक्षक के रूप में चयनित सभी सफल अभ्यर्थी अपनी व्यावसायिक दक्षता और इन्टीग्रिटी पर कभी भी सवालिया निशान न लगने दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों के मन में संशय और अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए, उन्हें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। साथ ही, अनुशासित भी रहना होगा। पुलिस उपाधीक्षक के रूप में जनपदों में कार्य करने पर इन सफल अभ्यर्थियों को स्वयं को साबित करने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत 04 वर्षों में पुलिस बल के आधुनिकीकरण और इसकी कार्यप्रणाली में सुधार के व्यापक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के चार नगरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है, इनमें लखनऊ, गौतम बुद्ध नगर, वाराणसी एवं कानपुर नगर शामिल हंै। विगत 4 वर्षों में पुलिस विभाग में डेढ़ लाख पुलिसकर्मियों को नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत स्थान आरक्षित थे। पुलिस विभाग में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के क्रम में प्रत्येक पुलिस लाइन एवं थाने में बैरकों की समुचित व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशिक्षण क्षमता को दोगुना किया गया है। गृह विभाग को इसके लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि पैसे से ज्यादा इच्छा शक्ति महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का काम आम जनता से सीधे जुड़ा रहता है। उनकी समस्याओं का समाधान करना होता है। यदि आम आदमी की शिकायतों का त्वरित और न्याय संगत समाधान हो जाए, जिससे शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिले तो लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास जगता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी ढंग से लागू की है। आज सामान्य नागरिक पुलिस को सम्मान के भाव से देखता है।

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