विश्वविख्यात बैण्ड ”इबादत“ की धुन पर झूमे एल्यूमनाई
पुरातन छात्रों ने कैम्पस में बिताए पलों को साझा किया
मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय के प्रांगण में शनिवार को एल्यूमनाई मीट “समागम-2021” का भव्य आयोजन हुआ। अपने तरानों से युवाओं को अपनी धुन पर थिरकाने पर मजबूर करने वाले मशहूर बैण्ड इबादत ने कार्यक्रम में समां बांध दिया। पुरातन छात्र-छात्राओं ने जमकर ठुमके लगाए और तालियों की करतल ध्वनि से कलाकारों की हौंसला अफजाई की। हर एक गाने के बाद इबादत बैण्ड के लिए वन्स मोर के नारे गूंजते रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ पुरातन छात्रों ने मशाल को इस वर्ष के विद्यार्थियों को सौंपकर किया। कार्यक्रम में कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए आयोजन किया गया।
एल्यूमनाई मीट “समागम-2021” के मुख्य अतिथि मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में आईआईआईएमटी के योगदान को सराहा और इसी प्रकार आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आईआईएमटी को शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता का मानक स्थापित करने वाला बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर किसी के पास अपना अलग सामथ्र्य और काबिलियत होती है। कोई छात्र पढ़ाई में अव्वल होता है, तो कोई छात्र स्पोट्र्स, म्यूजिक, डांस आदि क्षेत्रों में आगे होता है, जरूरी नहीं कि आप भी अपने क्लास में टाॅपर की तरह 95 फीसदी अंक लाएं तभी आपका भविष्य संवर सकता है। हम सभी को हमने काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और एक सच्चे दृढ़संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए, तभी हम अपनी जिंदगी में सफल हो सकते हैं और सफलता की नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकते हैं।

पुरातन छात्रों ने पुराने दिनों की स्मृतियां साझा करते हुए उन्हें आमंत्रित किए जाने पर विश्वविद्यालय का रूप ले चुके आईआईएमटी का आभार प्रकट किया। पुरातन छात्रों को संबोधित करते हुए श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निगाह लक्ष्य पर होनी चाहिए। मेरा पूरा जीवन काॅलेज को समर्पित रहा। आगे बढ़ने और कुछ बनने की सीख मुझे यहीं से मिली। आज मुझे गर्व है कि इस महाविद्यालय से निकले लोग पूरे विश्व की सेवा कर रहे हैं। माॅल रोड स्थित दो कमरों के संस्थान से चलकर आज आईआईएमटी समूह उत्तर भारत का जाना-पहचाना नाम है। आईआईएमटी समूह के विभिन्न काॅलेजों को मिलाकर विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना गर्व की बात है।
आईआईएमटी आज यदि एक ब्रांड है तो उसमें छात्रों की भी महती भूमिका है। काॅलेज का विजन छात्रों के कठिन परिश्रम और ईमानदार प्रयासों पर निर्भर करता है। कोई भी काॅलेज इस प्रतिस्पद्र्धी दौर में टिका नहीं रह सकता, यदि उसके छात्र शिक्षकों के मार्गदर्शन को न स्वीकारें। पुरातन छात्र काॅलेज का प्रतिबिंब होते हैं, जिन्हें देखकर उस काॅलेज की गुणवत्ता और वास्तविकता का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए संस्कारवान होने की प्रेरणा दी। श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि जो सम्बन्ध एक बार बन जाता है उसे निरन्तर निभाना भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। आज जो पुरातन छात्र समूह यहाँ एकत्रित है वह इसी को प्रतिबिम्बित करता है। सभी छात्रों ने श्री योगेश मोहनजी गुप्ता का करतल ध्वनि के साथ आभार व्यक्त किया।
इसके उपरान्त कालेज के छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जिसमें अलग-2 तरह के मनमोहक नृत्य एवम् गीत प्रस्तुत किये गये। पुरातन छात्रों ने भी बढ-चढ़ कर मंच पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। छात्रों ने विभिन्न प्रकार के खेलों का आनन्द लिया तथा अपने अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। सभी छात्र एक-दूसरे से मिलकर खुश हुए और इस दिन को यादगार बताया।
शाम ढलते ही आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित स्टार नाइट में इबादत बैण्ड ने जैसे ही अपनी धुनों के तराने छेड़े तो घंटों से बैठे पुरातन छात्रों में फिर से जोश आ गया। बैण्ड ने ऐसा जादू बिखेरा कि कोई भी खुद को ठुमके लगाने से न रोक सका और सभी वन्स मोर, वन्स मोर करते नजर आए। बैण्ड ने पुरातन छात्रों के साथ करीब तीन घंटे का सफर तय किया और गानों का ऐसा तड़का लगाया कि एल्यूमनाई मीट की शाम यादगार बन गई। पुरातन छात्रों ने इस दिन को यादगार बताते हुए कार्यक्रम की प्रशंसा की और अगले साल फिर आने का वादा किया।
संस्थान के चेयरमैन और कुलाधिपति श्री योगेश मोहनजी गुप्ता द्वारा पुरातन छात्रांे को उपहार भेंट किये गए। कार्यक्रम के अन्त में सभी का आभार प्रकट किया गया। इस अवसर पर आईआईएमटी समूह के प्रबंध निदेशक श्री मयंक अग्रवाल, प्रति कुलपति डाॅ. टी. ईश्वरी, प्रति कुलपति डाॅ. एसके बसंल, कुलसचिव श्री अशोक कुमार, और श्रीमती पियांशु अग्रवाल ने छात्रों की मेहनत को सराहा और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सभी निदेशक एवम् अध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन शिक्षक नीरज साहनी और फरहा हाशमी ने सफलतापूर्वक किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डाॅ. संदीप, डाॅ. एके चैहान, डाॅ. नीरज शर्मा, डाॅ. सुगन्धा, डाॅ. वत्सला तोमर, डाॅ. पूजा वशिष्ठ, डाॅ. अंशु तेवतिया, डाॅ. बिंदिया रावत, डाॅ. बृजेश, डाॅ. निर्भय सिंह, डाॅ. अबिरेश, डाॅ. अर्चना जैन, डाॅ. सौरभ सोनी, अंजलि शर्मा, शीना, विशाल शर्मा और मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा का विशेष योगदान रहा।

