सिद्धू ने पूछा, 50 दिन में चन्नी सरकार ने क्या किया

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सिद्धू ने पूछा, 50 दिन में चन्नी सरकार ने क्या किया

  • कहा, पार्टी नहीं, पंजाब के लोग और कार्यकर्ता तय करेंगे कौन बनेगा मुख्यमंत्री

चंडीगढ़। भले ही केदारनाथ धाम के दर्शन करने के लिए एक साथ उत्तराखंड पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी में एकता का संदेश देने की लाख कोशिश की हो। भले ही पूर्व पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत ने एकजुटता के दावे करते हुए कहा हो की चन्नी और सिद्धू के नेतृत्व में कांग्रेस फिर से पंजाब में सरकार बनाएगी। लेकिन शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर से चन्नी सरकार पर हमला बोल दिया। नवजोत ने कहा कि 90 दिन की सरकार ने अपने 50 दिन के कार्यकाल के दौरान ड्रग्स और बेअदबी के मुद्दे पर क्या कार्रवाई की है।

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सिद्धू ने पंजाब के डीजीपी और एडवोकेट जनरल को हटाए जाने तक कांग्रेस भवन में ना जाने का ऐलान किया है। सिद्धू का कहना है कि यह कांग्रेस और पार्टी कार्यकर्ताओं की इज्जत का सवाल है। गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालते ही नवजोत सिंह सिद्धू ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधना शुरू कर दिया था। पार्टी में चली तनातनी के बीच जीत नवजोत सिंह सिद्धू के हाथ लगी और कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम की कुर्सी सौंप कर कांग्रेस ने आॅल इज वेल महसूस किया था। मगर सीएम चन्नी को लेकर लगातार बयान जारी कर नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी के इस फैसले को गलत साबित करने की पूरी कोशिश की।

शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से दिया गया इस्तीफा तो वापस ले लिया मगर सिद्धू के तेवर बदले नहीं हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि डीजीपी और एजी की नियुक्ति दबाव में आकर और अपनी पसंद के मुताबिक की गई है। सिद्धू ने इशारो-इशारो में कहा कि डीजीपी और एजी को हटाए जाने के बाद ही कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव में प्रचार करेंगे। सिद्धू ने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता 12000 गांव में जाकर लोगों के सवालों का जवाब कैसे देंगे।

सिद्धू नशा तस्करी को लेकर एसटीएफ रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार में ऐसा करने की हिम्मत नहीं है तो वह रिपोर्ट पार्टी को दे दी जाए मैं उसे खुद सार्वजनिक कर दूंगा। सिद्धू ने चन्नी और अपने बीच की तकरार को सार्वजनिक करते हुए कहा कि डीजीपी और एजी के मुद्दे को लेकर उन्होंने चरणजीत चन्नी से कई बार बात की लेकिन मुख्यमंत्री इस मांग पर कल-परसों करते हुए बात को टाल रहे हैं।

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पंजाब में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर नवजोत ने कहा कि यह पार्टी नहीं बल्कि पंजाब के लोग और कार्यकर्ता ही तय करेंगे कि उनके मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए। ऐसा कह कर सिद्धू ने यह जाहिर कर दिया कि यह जरूरी नहीं है कि कांग्रेस की ओर से घोषित सीएम प्रत्याशी ही उन्हें मान्य हो। ऐसे ही में आने वाले समय में नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के लिए और परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

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