Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: अब राज्यों में फसल बीमा योजना का रिकार्ड बनाया जाएगा। इससे किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ लेने का मौका मिलेगा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत देश के दस राज्यों में पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। जिन राज्यों में पंजीकरण की तिथि बढ़ाई है उन राज्यों में यूपी, मप्र, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम, राजस्थान, मेघालय, मणिपुर, गोवा और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
कृषि मंत्रालय ने बीमा पंजीकरण की तिथि को बढ़ा दिया
अब देश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकरण करवाने का रिकॉर्ड बनेगा। कृषि मंत्रालय अधिकारियों के मुताबिक योजना का लाभ लेने के लिए देश के राज्यों में करीब पचास लाख किसानों ने एक दिन यानी 30 जुलाई तक अपना पंजीकरण कराया है। किसानों द्वारा कराए गए ये पंजीकरण पिछले साल इसी दिन कराए पंजीकरण की तुलना में ज्यादा है। फिलहाल इस साल पंजीकरण की अंतिम तिथि तक तीन करोड़ से अधिक किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। किसानों के इस उत्साह के चलते कृषि मंत्रालय ने बीमा पंजीकरण की तिथि को बढ़ा दिया है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार लगातार फसल बीमा योजना के लिए किसान हर साल पंजीकरण बढ़ाते जा रहे हैं। वजह है कि इस बार जिन राज्यों में अंतिम तिथि निकल गई, उनको अब बढ़ाया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत देश के दस राज्यों में पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। इन राज्यों में ओडिशा, महाराष्ट्र, मेघालय, असम, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश शामिल हैं।
कृषि मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़,मणिपुर और मध्यप्रदेश में पंजीकरण की तिथि 16 अगस्त कर दी गई है। जबकि गोवा में 15 अगस्त तक किसान पंजीकरण करा सकेंगे। जबकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पंजीकरण की तिथि 10 अगस्त है। वहीं उड़ीसा और असम में यह तिथि 5 अगस्त तय की गई है। मेघालय में अदरक की पैदावार करने वाले किसानों के लिए 7 अगस्त तक फसल बीमा की पंजीकरण तिथि बढ़ाई गई है।
पिछले साल की तुलना में रिकॉर्ड टूटा
कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2023 की खरीफ फसल के लिए चल रहे पंजीकरण में राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर उपलब्धियां हासिल हुई हैं। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार इस साल 30 जुलाई तक देश के राज्यों से तीन करोड़ से अधिक किसानों ने अपना फसल बीमा पंजीकरण कराया है। जबकि महज एक दिन में किसानों की तरफ से कराए गए पंजीकरण का पिछले साल की तुलना में रिकॉर्ड टूटा है। इस साल 30 जुलाई को किसानों की पंजीकरण संख्या 50 लाख के करीब पहुंची है। वहीं इससे एक दिन पहले कराए गए फसल बीमा पंजीकरण किसानों की संख्या 41 लाख थी।
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार किसान फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को मौसम की विपरीत परिस्थितियों, कीट पतंगों से नुकसान होने की दशा में किसानों को फसल का बीमा का लाभ मिलता है। बीते कुछ सालों में इसका लाभ किसानों को लगातार मिल रहा है। किसानों के मिल रहे इस लाभ के चलते केंद्र सरकार ने पोर्टल पर बीमा का पंजीकरण कराने की तिथि आगे बढ़ाई है।

