लखनऊः उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज जौनपुर भ्रमण के दौरान वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सभाकक्ष में रेड क्रॉस सोसाइटी एवं क्षय रोग के मरीजों को गोद लेने वाले समाजसेवी संगठनों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि क्षय रोग से ग्रसित बच्चे हमारे समाज के लिए चिन्ता का विषय हैं, इनकी देख-भाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। जब तक समाज को इनके साथ नही जोड़ा जाएगा तब तक बीमारी नहीं जाएगी। क्षय रोग से ग्रसित बच्चों को यूनिवर्सिटी, कॉलेज तथा स्कूल द्वारा गोद लिया जाये और उनकी अच्छी देखभाल करके उन्हें रोगमुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारे खून में सेवा भाव है इसीलिए लोग सेवा के लिए लोग आगे आकर कार्य करते हैं। भारत सरकार ने तय किया है कि 2025 तक टी0बी0 मुक्त किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल के समक्ष जनपद के 23 स्वयं सेवी संगठनों द्वारा 0 से 25 वर्ष तक के क्षय रोग से ग्रसित कुल 709 बच्चों को गोद लिया गया। यह संस्थाएं टी0बी0 ग्रसित लोगो को गोद लेने के उपरांत उनके हितों के लिए सभी प्रयास जैसे अच्छा पोषण, एवं उनकी अन्य जरूरतों को पूरा करेंगी। 709 टी0बी0 रोगियों में कुल 257 बाल टी0बी0 रोगी भी शामिल हैं, जिन्हें गोद लिया गया है।
एक अन्य कार्यक्रम में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा आज वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सभा कक्ष में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के साथ बैठक की गई। बैठक में राज्यपाल द्वारा समूह की महिलाओं से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने राज्यपाल को बताया कि समूह की महिलाओं द्वारा आचार, अगरबत्ती, मोमबत्ती, सिलाई-कढ़ाई तथा अन्य उत्पाद बनाने का कार्य किया जा रहा है। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जो उत्पाद बनाती हैं उसे बेचने के लिए सेंटर बनाये जाएं, जहां से लोग महिलाओं से सामान खरीद सकें। राज्यपाल द्वारा कृषि विभाग की योजनाओं तथा कृषक उत्पादन संगठन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं किसान सम्मान निधि, कृषि सिर्चाइं योजना की गहन समीक्षा की गयी तथा उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही हितकारी योजनाओं का लाभ किसानों की शत-प्रतिशत मिले। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं से जुडी समस्याओं जैसे कुपोषण, बाल विवाह की चर्चा अन्य कार्यक्रमों में भी कर लोगो को जागरुक किया जाय।

