Ind vs WI: भारत और वेस्ट इंडीज के बीच हुए टेस्ट मैच में डोमिनिका के विंडसार में यशस्वी जायसवाल ने 215 गेंदों में 11 चौकों की मदद से पहला शतक पूरा किया। बेटे की सफलता पर पिता भूपेंद्र जायसवाल अब कांवड़ लेकर सुल्तानगंज के लिए रवाना हो गए। उत्तरवाहिनी गंगा से कांवड़ में गंगाजल लेकर याशस्वी के पिता बैद्यनाथ धाम की यात्रा करेंगे।
वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में भदोही के सुरियावां के क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के शतक जमाने के बाद पूरे भदोही में खुशी का माहौल है। बेहतर ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में बेटे यशस्वी के उभरने पर पिता भूपेंद्र जायसवाल कांवड़ लेकर सुल्तानगंज (भागलपुर, बिहार) के लिए रवाना हुए हैं।
कांवड़ में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम
भूपेंद्र वहां उत्तरवाहिनी गंगा से कांवड़ में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर, झारखंड) की पैदल यात्रा करेंगे। सुल्तानगंज से देवघर की दूरी 105 किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि वो रात को Mumbaiसे लौटे हैं। बेटे के उज्जवल भविष्य की कामना के लिए Baba का दर्शन करने जा रहे हैं।
पिता ने कहा कि बेटे यशस्वी ने भदोही का ही नहीं बल्कि, उत्तर प्रदेश और देश का भी नाम रोशन किया है। डोमिनिका के विंडसार में खेले जा रहे भारत और वेस्टइंडीज के बीच अपने पहले टेस्ट मैच में यशस्वी ने 215 गेंदों में 11 चौकों की सहायता से पहला टेस्ट शतक पूरा किया था। इस उपलब्धि के बाद यशस्वी पहले टेस्ट मैच में पहला शतक लगाने वाले 17वें भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

