RBI Report: केंद्र का राजकोषीय घाटा मई 2023 के अंत में पूरे साल के अनुमान बजट का 11.8 प्रतिशत रहा है। पिछले साल 2022 की समान अवधि में यह 2022-23 बजट के अनुमान का 12.3 प्रतिशत था। राजकोषीय घाटे से संकेत मिलता है कि सरकार कितने कर्ज में है।
सरकार पर बाहरी कर्ज वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 5.6 अरब डॉलर से बढ़कर 624.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जबकि जीडीपी और कर्ज अनुपात में गिरावट है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में सरकार पर कुल 619.1 अरब डॉलर कर्ज था। पिछले साल जीडीपी और कर्ज का अनुपात 18.9 प्रतिशत रह गया, जो वर्ष 2021-22 में 20 प्रतिशत था।
उधर, केंद्र का राजकोषीय घाटा मई अंत में 2023-24 साल के बजट अनुमान का 11.8 प्रतिशत रहा। पिछले साल की समान अवधि में साल 2022-23 के Budget अनुमान का 12.3 % रहा। fiscal deficit से संकेत है कि Govt को कितने कर्ज की जरूरत है। लेखा महानियंत्रक से मिले आंकड़ों के अनुसार, वास्तविक घाटा मई अंत में 2,10,287 करोड़ रुपए रहा। बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.9 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 6.4 प्रतिशत था। चालू वित्त वर्ष 2023-24 के पहले दो महीनों के लिए central revenue 2.78 लाख करोड़ रुपए या बजट अनुमान का 11.9% रहा है। Total expenditure 6.25 लाख करोड़ रुपए रहा।
विदेशी मुद्रा भंडार 2.9 अरब डॉलर घटा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार समाप्त सप्ताह 23 जून को 2.901 अरब डॉलर से घटकर 593,198 अरब डॉलर रह गया है। पिछले हफ्ते मुद्रा भंडार 2.35 अरब डॉलर बढ़ा था। आरबीआई के जारी आंकड़ों के अनुसार, 23 जून वाले हफ्ते में विदेशी मुद्रा संपत्ति 2,212 अरब डॉलर घटकर 525.44 अरब डॉलर रह गई है। सोने का भंडार 74.5 अरब डॉलर गिरावट के साथ 44.304 अरब डॉलर रह गया है।

