पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों लगभग अपेक्षित नतीजों और रुझानों के बीच कर्नाटक से भाजपा के खेमे से एक खबर आ रही है. खबर के अनुसार अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव में भाजपा पूरी तरह अपने पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा पर दांव खेलने जा रही है, यह अलग बात है कि वो मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं है क्योंकि उन्होंने चुनावी राजनीती से संन्यास की घोषणा कर दी है, हालाँकि वो भाजपा के लिए वोट मांगते रहेंगे।
बनाये जा सकते हैं चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख
खबर के अनुसार भाजपा आलाकमान येदियुरप्पा को कर्नाटक चुनाव के चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाने जा रही है और ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा लिंगायत वोटों को बिखरने से बचाना चाहती है, लिंगायत समुदाय में येदियुरप्पा का बड़ा प्रभाव है, जनाधार है. भाजपा अपने वरिष्ठ नेता की समुदाय में लोकप्रियता का पूरा फायदा उठाना चाहती है क्योंकि उसे मालूम है बोम्मई सरकार की जनता में छवि अच्छी नहीं है. भाजपा बोम्मई को पद से हटा भी सकती थी लेकिन एक तो इसके लिए समय भी कम है दूसरे फ़िलहाल कर्नाटक में उसके पास ऐसा कोई नेता नहीं है जिसे मुख्यमंत्री बनाकर चुनाव लड़ा जा सकता, इसलिए उसे अब येदियुरप्पा ही उम्मीद की एक किरण नज़र आ रहे हैं जो उसकी नैया को पार लगा सकते हैं.
मोदी-शाह जमकर कर रहे हैं येदियुरप्पा की तारीफ
पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक के पांच दौरे किये है और इन दौरों में उन्होंने येदियुरप्पा की जमकर तारीफ की है. गृह मंत्री अमित शाह अपने कर्नाटक के दौरों पर येदियुरप्पा के हाथों को मज़बूत करने की बात करते हैं जबकि यह बात उन्हें मुख्यमंत्री बोम्मई के लिए कहनी चाहिए लेकिन बोम्मई की छवि कट और कमीशन वाली बनी हुई है इसलिए मोदी और शाह अपने मुख्यमंत्री की जगह पूर्व मुख्यमंत्री का नाम लेते हैं. येदियुरप्पा 80 साल के हो चुके है , पार्टी के हिसाब से उनकी उम्र अब मार्गदर्शक मंडल में जाने वाली हो चुकी है लेकिन भाजपा को अभी उनकी ज़रुरत है और चाहती है कि मर्दर्शक मंडल दल का सदस्य बनने से पहले वो कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनवाने में एकबार फिर मदद करें। 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा कर्नाटक को कांग्रेस के हाथों में जाते हुए नहीं देखना चाहती.

