मेरठ की होनहार छात्रा ने जीता ज़िला, अब करेगी आईएएस की तैयारी
स्कूल संचालकों का दावा- बना इतिहास,12 वीं में पहली बार इतने मार्क्स
मेरठ। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई ने शुक्रवार को अपना 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया। यह पहली बार है जब बोर्ड की ओर से परीक्षाएं नहीं करवाई गई और परिणाम जारी किए गए हैं। कोरोना महामारी के चलते इस साल बोर्ड की सारी परीक्षाएं निरस्त कर दी गई थी। स्टूडेंट्स को पिछले क्लासेज में उनके द्वारा दी गई परफॉर्मेंस के आधार पर बोर्ड ने मार्क्स दिए हैं। मेरठ जिले में सबसे ज्यादा मार्क्स 99.8 प्रतिशत स्कोर करने वाली अदिति जैन रही हैं। वेस्ट एंड रोड स्थित दीवान पब्लिक स्कूल में ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम की इस स्टूडेंट का कहना है कि वह हमेशा से बोर्ड परीक्षा में नेशनल टॉपर बनना चाहती थी।
इस बार परीक्षा नहीं हुई और मेरिट भी नहीं आई जिसकी वजह से नेशनल टॉपर की घोषणा नहीं हो सकी लेकिन उनकी पिछली मेहनत सफल हुई है। अदिति का कहना है कि अगर एग्जाम होते तब भी वह इतने ही मार्क्स स्कोर् करती। संभवत ये भी हो सकता है कि तब शत प्रतिशत मार्क्स भी हासिल किए जा सकते थे। हालांकि अभी जारी रिजल्ट्स से वह पूरी तरह संतुष्ट है और खुश हैं।
एग्जाम कैंसिल की घोषणा से हुई थी दुखी
अदिति बताती है कि वह हमेशा से ही टॉपर रही हैं। सेंट फ्रांसिस स्कूल से उन्होंने दसवीं पास की थी इस दौरान भी वह सेकंड आयी थी। सीबीएसई की ओर से जब 12वीं की परीक्षाएं निरस्त करने की घोषणा हुई तब वह बहुत दुखी हुई थी। अदिति कहती हैं कि बोर्ड्स के लिए काफी तैयारी कर रखी थी और एग्जाम कैंसिल होने पर वह पूरी रात नहीं सोई थी। बहुत रोई भी थी उस वक्त लग रहा था कि बिना एग्जाम के किस तरीके के मार्क्स मिलेंगे। मन में तमाम आशंकाएं थी लेकिन शुक्रवार को जारी रिजल्ट देख कर सारी आशंकाएं दूर हो गई।
बनना है आईएएस
अदिति कहती हैं कि वह इंडियन एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस ज्वाइन करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी भी शुरू कर दी है। अदिति के पिता नवीन जैन पोस्ट ऑफिस में कार्यरत हैं। जबकि माता रुचि जैन होममेकर है। अदिति बताती है कि करंट अफेयर्स में उनकी काफी रूचि है और अब आगे दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन करेंगी। अदिति के मुताबिक़ पढ़ाई के साथ कभी लापरवाही नहीं बरती । ऑनलाइन क्लासेस में भी पूरा फोकस किया है। जबकि अदिति ने किसी तरह की कोई कोचिंग भी नहीं ली।

