- रैली में उमड़े अथाह जनसमूह को देख सपा-रालोद गदगद
मेरठ। सपा-रालोद गठबंधन की पहली रैली ने भीड़ जुटाने में इतिहास रच दिया है। दबथुआ में हुई सपा-रालोद गठबंधन की पहली रैली में जहां तक निगाह जा रही थी वहां सपा-रालोद के झंडे ही फहरते नजर आ रहे थे। गठबंधन की पहली ही रैली में इतनी भीड़ जुटने की आशा तो सपा-रालोद नेताओं को भी नहीं थी। यही कारण है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मंच से कह बैठे कि मैंने पहली बार किसी रैली में इतना जनसैलाब उमड़ता हुआ देखा है। अब जिस रैली की सफलता ने सपा-रालोद को उत्साह में भर दिया है निश्चित ही उसने यूपी की सत्ता पर पुनः आसीन होने की उम्मीद कर रही भाजपा के माथे पर शिकन डाल दी होगी।
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मेरठ के दबथुआ में आज समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन की पहली रैली आयोजित हुई। इस रैली के साथ ही सपा-रालोद में गठबंधन की आधिकारिक घोषणा हो गई है। हालांकि अभी दोनों दलों में सीटों के बटंवारे को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है। लेकिन यह तय हो चुका है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद कंधे से कंधा मिलाकर चुनावी रण में उतरेंगे।
रैली में उत्साहित सपा और रालोद कार्यकर्ताओं के नारों से रैली क्षेत्र गूंज रहा था। रैली स्थल के चहुंओर लाल, हरा, सफेद और पीला रंग रंग दिखाई दे रहा था। वही सपा-रालोद नेताओं के चेहरे भी खिले हुए नजर आए। यह भीड़ उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की संभावनाओं की ओर इशारा कर रही है। यदि यह भीड़ वास्तव में सपा-रालोद के वोट बैंक में तब्दील हो गई तो 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन को सरकार बनाने में देर नहीं लगेगी।
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सपा-रालोद गठबंधन की सफलता को पूर्व में जो भाजपा नकार रही थी उसे आज रैली को मिली अपार सफलता के बाद फिर से सोचने के लिये मजबूर होना पड़ेगा। सपा-रालोद की पहली ही रैली को मिले अपार जनसमर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि यह गठबंधन भाजपा के लिये बड़ी चुनौती बनने जा रहा है। इस गठबंधन के महत्व को नकार देना भाजपा के लिये बिल्ली देखकर भी कबूतर की तरह आंखे बंद करने वाला साबित हो सकता है।

