असम से सीमा विवाद को लेकर मेघालय में भड़की हिंसा जारी है, अबतक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों वाहनों को आग के हवाले किया जा चूका है, कल रात भी असम प्रदेश की नंबर प्लेट वाली कई गाड़ियों को जलाया गया. हालात काफी तनाव भरे हैं. मेघालय में मौजूद असम के लोगों की सुरक्षा को बड़ा खतरा है, उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, काफी संख्या में असम के निवासी मेघालय के शिलांग में होटलों में कैद हैं।
तटस्थ एजेंसी को जांच सौंपने की बात
असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने इस बीच पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में मेघालय के साथ राज्य की विवादित सीमा पर हिंसा के मामले में जांच किसी केंद्रीय या तटस्थ एजेंसी को सौंपेगी की बात कही है. जानकारी के मुताबिक हिंसा में मरने वाले असम के वनकर्मी का शव अभी भी मेघालय के कब्ज़े में है, उसे असम को लौटाया नहीं गया है.इस बीच असम सरकार ने सभी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की है.
हिंसा भड़कने की यह थी वजह
बता दें कि असम के वन कर्मियों ने मंगलवार तड़के तीन बजे मुकरु इलाके में लकड़ियों से भरे एक ट्रक को रोका था जिसपर अवैध कटान का शक था, इस मामले को लेकर कहासुनी बढ़ी और वन कर्मियों को फायरिंग करनी पड़ी जिसमें मेघालय के पांच नागरिकों की मौत हो गयी वहीँ भड़की हिंसा में असम का एक वन कर्मी को भी मार दिया गया. वहीं मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिकायत की है कि असम पुलिस और वनकर्मी मेघालय में घुसे और बिना उकसावे के गोलीबारी करनी शुरू कर दी.

