एक दिन में 46 फ़ीसदी अधिक लगी वैक्सीन
Vaccination in Meerut – कोरोना संक्रमण से बचाव में अहम टीकाकरण के मामले में उत्तरप्रदेश में सबसे पिछड़ा जिला मेरठ सरकार के रडार पर है। नतीजन जिले में सोमवार को पहली बार एक साथ सर्वाधिक 33 हजार डोज़ लगाई गई हैं। जिले की बिगड़ी दशा सुधारने के लिए जिला प्रशासन और मंडलायुक्त ने इस अभियान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यहाँ तक कि सभी विभागों को इसी कार्य में लगा दिया गया। इससे पूर्व हर दिन यहां तय लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ़ 10 से 15 फ़ीसदी ही प्राप्त हो पा रहा था। जिला प्रशासन को लगातार आला अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ रही थी। हाल ही में मुख्य सचिव की समीक्षा में भी अधिकारियों की काफी फ़ज़ीहत हुई थी।
पिछड़े टॉप 10 जिलों की सूची हुआ था शुमार जिला
प्रदेश भर के सभी 75 जिलों की सूची में मेरठ पिछड़े हुए टॉप-10 जिलों में शुमार था। शासन की समीक्षा रिपोर्ट में भी बीती 19 जनवरी को 18 प्लस आयुवर्ग में मेरठ 75 वें नम्बर पर था। 60 आयुवर्ग में पहली डोज़ की प्रगति मात्र 77.95 प्रतिशत दर्ज की गई। दूसरी डोज़ की प्रगति में भी मात्र 50.53 प्रतिशत ही प्रगति दर्ज हुई थी। 15-17 आयुवर्ग श्रेणी के बच्चों के वैक्सीनेशन में मेरठ की स्थिति सबसे अधिक खराब मिली। इस दौरान मात्र 38.85 प्रतिशत ही प्रगति दर्ज की गई थी।
46 फ़ीसदी तक आया उछाल
गांव-देहात तक वैक्सीन जन जागरूकता अभियान के जरिये एक ही दिन में 45% से अधिक का उछाल दर्ज किया गया है। इसमें सोमवार को दूसरी डोज लगाने वालों का आंकड़ा भी 14688 सर्वाधिक रहा। हालांकि जिले में अभी भी 2.31 लाख से अधिक लोगों को एक साल बाद भी पहली खुराक नहीं मिल पाई हैं।
30 जनवरी तक तय करना होगा लक्ष्य
सरकार ने मतदान से पहले शत प्रतिशत टीकाकरण करवाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत 30 जनवरी तक पहली डोज़ का सौ फ़ीसदी जबकि दूसरी डोज़ का 90 फ़ीसदी लक्ष्य हासिल करना होगा। जिले में अभी तक 23,31365 पहली और 1563148 दूसरी डोज़ का लक्ष्य 18 प्लस आयु वर्ग का पूरा हुआ है। जबकि कुल 2562900 लोगों को वैक्सिनेटेड करना है। वहीं 15 से 17 साल के किशोरों का भी अभी 58 फ़ीसदी शेष है।

