प्रदेश में 133 हो गयी ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के आंकड़े नीचे आने के साथ ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को प्रदेश में 15 नये ब्लैक फंगस संक्रमित मिलने के साथ मरीजों की संख्या 133 हो गयी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से एक मरीज होने के बाद एम्स में अब तक मिले 92 मरीजों में सेे सात संक्रमित जान गंवा चुके हैं।
प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ स्वास्थ विभाग की चिंता भी बढ़ती जा रही है। अभी कोरोना पर काबू नहीं पाया जा सका और संक्रमण से मरीजों की मौत का आंकड़ा कम नहीं हो रहा था कि अब ब्लैक फंगस की काली छाया प्रदेश पर पड़ गयी है। राज्य के देहरादून में 126, नैनीताल में 6 और ऊधमसिंह नगर में 1 ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज मिला है। अब तक सबसे अधिक मरीजों का उपचार एम्स ऋषिकेश में किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस के मरीजों का आंकड़ा सौ के पार होने जा रहा है।
वहीं प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने भी सर्तकता बरतते हुए अधिक संख्या में मरीजों को उपचार देने की तैयारी की है। राज्य के 12 डेडिकेटिड कोविड अस्पतालों को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अधिकृत किया है। इन्हीं अस्पतालों को ब्लैक फंगस के इंजेक्शन व दवाइयों सरकार की ओर से दी जायेंगी। इन 12 अस्पतालों के अलावा ब्लैक फंगस का उपचार कर रहे अन्य हाॅस्पिटलों को सरकार की ओर से कोई मदद नहीं दी जायेगी। अभी एम्स ऋषिकेश के अलावा देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के अस्पतालों में भी ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ब्लैक फंगस अब तक 11 मरीजों की जान ले चुका है। वहीं 9 संक्रमित ब्लैक फंगस से मुक्ति पा चुके हैं।

