लोकसभा चुनाव की ‘नेट प्रैक्टिस’ है राहुल का अमेठी दौरा?

उत्तराखंडलोकसभा चुनाव की ‘नेट प्रैक्टिस’ है राहुल का अमेठी दौरा?

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लोकसभा चुनाव की ‘नेट प्रैक्टिस’ है राहुल का अमेठी दौरा?

  • ढाई साल बाद बहन प्रियंका के साथ पहुंचे, सभा की और लेागों से मिले

ऊषा सिंह

ढाई साल बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अमेठी पहुंचे। वहां अपनी बहन प्रियंका  गांधी के साथ जनसभा में शामिल हुए और लोगों से मिले। उन्होंने कहा कि अमेठी मेरा घर है। यहां से मुझे  कोई नहीं निकाल सकता। उनके इस दौरे और अमेठी  के लोगों से भावनात्मक तौर पर जुड़ने को सिर्फ विधान सभा चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं  माना जा सकता। कहा जा रहा है कि विधान सभा चुनाव के सहारे उनको  अमेठी में अपनी खोई हुई जमीन की तलाश है। उसी तलाश में वह 18 दिसंबर को अमेठी पहुंचे। इस दौरे के जरिए राहुल गांधी की कोशिश यही है कि विधान सभा चुनाव में अपना जनाधार बढ़ाएं। इसके सहारे अगले लोकसभा चुनाव तक परम्परागत तौर पर कांग्रेस की अमेठी सीट को वापस हासिल किया जा सके।  

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लोकसभा चुनाव की ‘नेट प्रैक्टिस’ है राहुल का अमेठी दौरा?
लोकसभा चुनाव की ‘नेट प्रैक्टिस’ है राहुल का अमेठी दौरा? – illustration By Hasan Zaidi


 
अमेठी कांग्रेस का गढ़ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री और राहुल  गांधी के पिता यहीं से चुनाव जीतते रहे हैं। उसके बाद सोनिया गांधी भी यहां से जीतीं। बाद में यह राहुल  गांधी की सीट हो गई और वह लगातार कई चुनाव जीते। यहां से 2014 और 2019 में स्मृति ईरानी उनके मुकाबले यह चुनाव लड़ीं। राहुल गांधी 2014 में तो यह सीट बचाने में कामयाब रहे लेकिन 2019 में हार गए। कांग्रेस 2017 के विधान सभा चुनाव में भी अमेठी जिले की सभी चारों सीट हार  गई। हारने के बाद प्रियंका गांधी तो लगातार अमेठी जाती रही हैं लेकिन राहुल गांधी ढाई साल बाद यहां पहुंचे। राहुल और प्रियंका की जनसभा में भी खूब भीड़ जुटी। साथ ही भाई-बहन लोगों के घर जाकर उनसे गले मिले।

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जानकारों  का मानना है कि यह विधान सभा चुनाव एक तरह से लोकसभा चुनाव के लिए ‘नेट प्रैक्टिस’ भी होगी। इससे पता चल जाएगा कि लोकसभा चुनाव में क्या संभावनाएं हैं? यदि यहां से एक सीट भी वह जीतते हैं या चार विधानसभाओं में जनाधार  कुछ बढ़ता है तो कांग्रेस के लिए संजीवनी होगा। यहां से भविष्य की  संभावनएं खुलेंगी। इसी आधार पर वह तय  करेंगे कि यहां से राहुल गांधी अगला चुनाव लड़ें या नहीं। वह 2019 में वह अमेठी के  अलावा केरल के वायनाड से भी  चुनाव लड़े थे। वायनाड से वह चुनाव जीत गए थे। इस समय  वहीं  से  सांसद हैं।

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