चित्रकूट: सियासत में कर्म और समाज सेवा से अधिक किसी भी अन्य चीज़ की आवश्यकता नहीं है, ये बात अनिल प्रधान ने सिद्ध कर दी। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक ऐसा विधायक जीता है, जिसे राजनीति न विरासत में मिली, न उसके पास धनबल है और न बाहुबल। चित्रकूट विधानसभा सीट से इस बार अनिल प्रधान विधायक चुने गए। वह इस बार प्रदेश के सबसे गरीब विधायक के तौर पर हैं।
अनिल प्रधान (Anil Pradhan) के पास न अपना घर है और न ही अपनी कोई जमीन। इस बारे में जानकारी अनिल ने अपने हलफनामे में दी है। लेकिन, इस उम्मीदवार ने भाजपा की योगी सरकार में लोक निर्माण विभाग में राज्य मंत्री रहे चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को 20,876 मतों से मात भी दे दी।
इस चुनाव के सबसे गरीब प्रत्याशी
आपको बता दें कि अनिल प्रधान न तो किसी प्रकार की महंगी गाड़ी पर चलते हैं, ना ही मंहगे कपड़े पहनते हैं। उनके पास सिर्फ 30,496 रुपये हैं, जिससे इस चुनाव में अनिल प्रधान सबसे गरीब प्रत्याशी हैं। वह सादे वेशभूषा में क्षेत्र के किसी हिस्से में लोगों की सेवा में आसानी लगे नजर आ जाएंगे। इन दिनों लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री चंद्रिका प्रसाद को हराने वाले इस विधायक की चर्चा पूरे प्रदेश में है।
चित्रकूट में अनिल प्रधान मानिकपुर तहसील के ग्राम नया पुरवा के रुकमा बुजुर्ग मजरे के रहने वाले हैं। अनिल प्रधान ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की है। स्नातक करने के बाद लोग आमतौर पर नौकरी ढूंढते हैं, लेकिन इन्होंने अपना करियर समाज सेवा से शुरू किया। लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर इन्होंने कई बार भूख हड़ताल भी की है।
अनिल प्रधान ने सपा को दिया जीत का तोहफा
वर्ष 2013 में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव लैपटॉप वितरण कार्यक्रम के लिए चित्रकूट पहुंचे थे। यहां अनिल प्रधान ने जमकर बवाल काटा था। उन्होंने लोगों को सरकरी योजनाओं का लाभ न मिलने के कारण अखिलेश के उस कार्यक्रम में हंगामा किया था। इसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अनिल प्रधान को पहचाना था और अनिल कई बार आकर अखिलेश यादव से मिले। समाजवादी पार्टी ने इस बार अनिल प्रधान को चित्रकूट विधानसभा सीट से मैदान में उतारा। इस पर खरे उतरते हुए अनिल प्रधान ने योगी सरकार में पीडब्ल्यूडी विभाग के राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को बड़े अंतर से हराया।

