नई दिल्ली। आइपीएल की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य जब रविवार को बैठक करेंगे तो इसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में टी-20 लीग की मेजबानी के लिए जरूरी सरकारी मंजूरी की स्थिति के बारे में अपडेट किया जाएगा. इसके अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर चर्चा और चीनी प्रायोजकों के संबंध में बात की जाएगी. साथ ही कार्यक्रम को लेकर भी बातचीत हो सकती है. यह लीग 19 सितंबर से आठ नवंबर तक चलेगी.
10 सूत्री एजेंडा
बृजेश पटेल की अगुआई वाली गवर्निंग काउंसिल के 10 सूत्री एजेंडे में सरकार की मंजूरी की स्थिति सबसे ऊपर है. उम्मीद है कि बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह (दोनों का कूलिंग ऑफ समय में छूट का मामला सुप्रीम कोर्ट में है) कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज के साथ स्थायी आमंत्रित सदस्यों के तौर पर बैठक में हिस्सा लेंगे.
हरी झंडी का इंतजार
गवर्निंग काउंसिल के बारे में जानकारी रखने वाले बीसीसीआइ के शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘हमारी बैठक आज है लेकिन हर कोई गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से टूर्नामेंट के यूएई में कराए जाने को लेकर हरी झंडी का इंतजार कर रहा है.Ó चीन की मोबाइल कंपनी वीवो के साथ करार के भविष्य को लेकर भी चर्चा होगी जो टाइटल प्रायोजन के लिए 440 करोड़ रुपये देता है. सबसे अहम पहलू होगा मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी), जो फ्रेंचाइजी को सौंपी जाएगी जिसमें वे अपनी चिंताओं से संबंधित सवाल उठा सकते हैं. इसमें टीम की संख्या को लेकर भी निर्देश होंगे जिनके 40 तक सीमित होने की संभावना है. बीसीसीआइ की एसओपी को फ्रेंचाइजी द्वारा अपग्रेड किया जा सकता है, लेकिन वे इसे कम नहीं कर सकते. इसके अलावा बीसीसीआइ परिवारों को ले जाने के संबंध में फैसला फ्रेंचाइजी पर छोड़ देगा.
विदेशी खिलाडिय़ों का क्या होगा?
इसके अलावा अगर मूल टीम में खिलाड़ी यात्रा नहीं कर पाता है तो उसकी जगह खिलाड़ी को कैसे शामिल किया जाएगा. जैसे दक्षिण अफ्रीका की सीमा इस समय बंद है और क्विंटन डि कॉक, कैगिसो रबादा, इमरान ताहिर और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ी अपनी फ्रेंचाइजी टीमों के लिए अहम हैं. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज संभवत: खेली जाएगी जो 15 सितंबर को खत्म होगी. वेस्टइंडीज के अलावा कुछ और विदेशी खिलाड़ी कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में 10 सितंबर तक व्यस्त रहेंगे. यह भी नहीं भूलना चाहिए कि दक्षिण अफ्रीकी खिलाडिय़ों की अपनी अलग समस्या है, क्योंकि वहां कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, जिसके कारण सरकार ने विमान यातायात पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसलिए फ्रेंचाइजियों को इस मुद्दे पर सफाई चाहिए. वहीं, बीसीसीआइ की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) की गतिविधियों पर भी चर्चा होगी.
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
- सरकारी मंजूरी की स्थिति के बारे में अपडेट किया जाएगा
- लीग के कार्यक्रम पर बातचीत
- मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर चर्चा
- चीनी प्रायोजकों के संबंध में बात की जाएगी
- खिलाडिय़ों के परिवारों को ले जाने के संबंध में फैसला
- आइपीएल जीसी के सदस्यों को यात्रा करने का मौका मिलेगा या नहीं
- खिलाड़ी की जगह किसी अन्य को शामिल करना
- बीसीसीआइ की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) की गतिविधियां
- बीसीसीआइ की अपनी चिकित्सा इकाई को यूएई लेकर जाएगा या फिर वहीं पर चिकित्सकों की टीम तैयार करेगा

