जिसके सिर हो वोट की चादर, पांव के नीचे जन्नत होगी…

आर्टिकल/इंटरव्यूजिसके सिर हो वोट की चादर, पांव के नीचे जन्नत होगी…

Date:


जिसके सिर हो वोट की चादर, पांव के नीचे जन्नत होगी…

अमित बिश्‍नोई

लो जी लो करलो बात, अब मंच से पैर छू लिये तो इस बात पर भी बवाल मचा दिया लोगों ने। जब पैर छुआ रहे थे तो परेशानी, अब पैर छू लिये तो दिक्कत। अरे हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ा सा ही तो झुक लिये हैं। और पैर छू भी लिये तो क्या हो गया, चुनाव का टाईम है, जहां जनता-जर्नादन के घर जा-जाकर पैर छुए जा रहे हैं वहीं अपने कार्यकर्ता के भी पैर छू लिये तो कौन सा बड़ी बात हो गयी।

अरे भईया जी, चुनावी रणभूमि में तो जो काम आ जाये वही कृष्ण सरीखा दोस्त लगता है। जो वोट दे-दे वो माता-पिता जैसा और जो वोट दिला दे वो बंधु-सखा होता है। अब उनका कार्य करता है इसलिये वो पूजनीय है, जब कार्य नहीं करेगा तो…। खैर वो उनकी पर्सनल बातें हैं हमें क्या लेकिन पैर छूना तो भारतीय संस्कृति की पहचान है और भारत से लेकर भारत की संस्कृति की सारी जिम्मेदारी अपने कंघे पर उठाने वाले बाबा के बड़प्पन की सराहना करने की बजाये उनपर ही सवाल उठाना अच्छा सा नहीं लग रहा।

और लोग भी हैं न कुछ भी कहें जाते हैं। अब कह रहे हैं पैर छूने वालों की लाइन इतनी बड़ी थी कि साहेब परेशान हो गये। तो छू दिये पैर और थाम दी पैर छूने वालों की लाइन। हां भई, वैसे आदमी परेशान तो हो ही जाता है न। अब चुनाव के टैम पर कार्यकर्ताओं से पैर छुवाएं या जनता से अपने मन की बात कह उनके वोटों को बटोरें। अब जरूरी तो वोट हैं, क्योेंकि वोट हैं तो कुर्सी है, कुर्सी है तो पाॅवर है, पाॅवर है तो कार्यकर्ता हैं, वरना ईमान कसम, कुर्सी जाने के बाद तो कोई कार्य करने को भी तैयार नहीं होता।

तो भईयाजी, जिसके सिर हो वोट की चादर, पांव के नीचे जन्नत होगी। चुनावी रणभूमि में जन्नत दिख रही हो तो उसपर तुरंत कब्जा कर लो। कहीं दुश्मन की निगाह पड़ गयी तो जन्नत तो दूर पानी भी नसीब नहीं होगा। और बिन पानी कमल सूखा-सूखा। तो भईयाजी पैर छूने पर मत जाईये, उन पैरों के नीचे की जन्नत को देखिये। इस टाईम वहीं जरूरी है, उसके बाद कौन जनता और कौन किसका कार्य करता….

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़: 1,344 शव बरामद, 4,898 लोग अब भी लापता

नेपाल में भोटेकोशी नदी और उससे जुड़े इलाकों में...

मिर्जापुर द मूवी: हम पब्लिक का नहीं, पब्लिक हमारा इंतजार कर रही थी

पवन शर्मा अखिरकार Mirzapur: The Movie एक लंबे अर्से बाद...

एयरटेल पोस्टपेड ग्राहकों को मिर्जापुर: द मूवी के प्रीमियर में शामिल होने का खास मौका

एयरटेल ने अपने पोस्टपेड एडवांटेज क्लब के तहत मिर्जापुर:...