पहली बार वोट डालने वाली छात्राओं पर फोकस, EV और पेट्रोल मॉडल पर मंथन जारी
400 करोड़ का बजट तय, टैबलेट-स्मार्टफोन योजना को भी मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार छात्राओं और महिला वोटरों को साधने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार प्रदेश की 50 हजार से अधिक मेधावी बेटियों को मुफ्त स्कूटी देने की तैयारी में है। भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ का वादा किया था और अब इसे लागू करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। योजना के लिए 400 करोड़ रुपए का बजट भी निर्धारित कर दिया गया है।
सरकार की नजर खासतौर पर उन छात्राओं पर है जो 2027 के विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान करेंगी। माना जा रहा है कि इस योजना के जरिए सरकार महिला मतदाताओं के बीच मजबूत संदेश देना चाहती है। प्रदेश में महिला वोटरों की संख्या छह करोड़ से अधिक है, ऐसे में यह योजना राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
शासन स्तर पर इस बात को लेकर मंथन जारी है कि छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाए या पेट्रोल मॉडल। अधिकारियों का एक वर्ग इलेक्ट्रिक स्कूटी के पक्ष में है, क्योंकि इससे छात्राओं का रोजाना खर्च कम होगा और परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा। वहीं ग्रामीण इलाकों में चार्जिंग की समस्या को देखते हुए पेट्रोल स्कूटी का विकल्प भी चर्चा में बना हुआ है।
सरकार ऐसी स्कूटियों के चयन पर जोर दे रही है जो मजबूत, टिकाऊ और कम रखरखाव वाली हों। बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी इस योजना के टेंडर पर नजर बनाए हुए हैं। एक साथ बड़ी संख्या में खरीद होने के कारण कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है।
योजना के पात्रता मानकों पर भी विचार चल रहा है। प्रस्ताव है कि यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई की मेधावी छात्राओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाली छात्राओं को भी शामिल किया जा सकता है। सरकार पारिवारिक आय सीमा तय कर गरीब और मध्यम वर्ग की बेटियों को लाभ देने की तैयारी में है।
स्कूटी योजना के साथ-साथ सरकार ‘विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना’ को भी तेज करने जा रही है। चुनाव से पहले 25 लाख से ज्यादा टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने की तैयारी है। सरकार अब तक लाखों विद्यार्थियों को डिजिटल डिवाइस उपलब्ध करा चुकी है और अब इस अभियान को और विस्तार देने की रणनीति बनाई जा रही है।

