नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच राज्य के पांच जिलों में लॉकडाउन लगाने के हाईकोर्ट के आदेश को यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. यूपी सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक की मांग करेगी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CJI एस ए बोबडे से जल्द सुनवाई की मांग करेंगे. यूपी सरकार के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यपालिका के अधिकारक्षेत्र में अतिक्रमण किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर में लॉकडाउन लगाने के आदेश दिए थे.
तुरंत सुनवाई की मांग
सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से तुरंत सुनवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि हमने कोरोना कंट्रोल करने के लिए कई कदम उठाए हैं, कुछ और कदम उठाने हैं, लेकिन लॉकडाउन इसका हल नहीं है. सीजेआई एसए बोबड़े की अगुवाई वाली बेंच आज शाम को मामले की सुनवाई कर सकती है.
योगी सरकार की दलील
दरअसल, यूपी सरकार की दलील है कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े हैं और सख्ती कोरोना के नियंत्रण के लिए आवश्यक है, सरकार ने कई कदम उठाए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, जीवन बचाने के साथ गरीबों की आजीविका भी बचानी है, ऐसे में शहरों में संपूर्ण लॉकडाउन अभी नहीं लगेगा, लोग स्वतः स्फूर्ति भाव से कई जगह बंदी कर रहे हैं.
पांच शहरों में लॉकडाउन का था आदेश
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी के पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, लखनऊ और प्रयागराज में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने का आदेश जारी किया था.

