नई दिल्ली। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के सेक्स पार्टनर अधिक हैं। ऐसे पुरुषों की संख्या करीब चार प्रतिशत पाई गई है। जिन्होंने सेक्स पार्टनर से संबंध बनाए। जो उनकी पत्नी नहीं थी और वे कभी साथ रहे भी नहीं। पुरुषों में यह आंकड़ा महिलाओं के मुकाबले काफी अधिक है। ऐसी महिलाओं की संख्या 0ः5 प्रतिशत ही है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। जिसमें 1ः1 लाख महिलाओं और एक लाख पुरुषों को शामिल किया था। सामाजिक, आर्थिक और अन्य पृष्ठभूमि विशेषताओं के अलावा नीति निर्माण और प्रभावी कार्यक्रम कार्यान्वयन के लिए उपयोगी आंकडे़ प्रदान कराती है। इस सर्वे में सामने आया कि कई राज्यों में महिलाओं के सेक्स पार्टनर्स की संख्या पुरुषों के मुकाबले अधिक है। इन राज्यों में राजस्थान, चंडीगढ़,हरियाणा, लद्दाख, जम्मू.कश्मीर, मध्य प्रदेश, असम, केरल, लक्षद्वीप, पुडुचेरी और तमिलनाडु के अलावा केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं। राजस्थान इन राज्यों में शीर्ष पर है। जहां पर महिलाओं के औसतन 3ः1 पार्टनर रहे हैं। जबकि पुरुषों का आंकड़ा 1ः8 का है। वहीं राज्य में ऐसे पुरुषों की संख्या चार प्रतिशत पाई है। जिन्होंने ऐसी महिलाओं से संबंध बनाए थे जो उनकी पत्नी नहीं हैं और न ही लिव इन में रहे। ऐसी महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले बेहद कम है और 0ः5 प्रतिशत है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 707 जिलों में 2019 से 21 के बीच कराया गया था।
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वहीं मध्य प्रदेश में महिलाओं के 2ः5 और पुरुषों के 1ः6 पार्टनर हैं। केरल में महिलाओं के 1ः4 और पुरुषों का औसत 1ः0 पार्टनर का हैं। जबकि जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के औसतन पार्टनर का प्रतिशत 1ः5 और पुरुषों के 1ः1 औसतन पार्टनर हैं। हरियाणा में यह अंतर 1ः8 महिला और 1ः5 पुरूष का है। वहीं असम में महिला का औसतन 2ः1 पार्टनर और 1ः8 पुरुष का है। बात जब विवाहेतर संबंधों की की गई तो आंकड़े बताते हैं कि पुरुष इस मामले में आगे हैं। हाई रिस्क सेक्शुअल इंटरकोर्स को लेकर किए सर्वे में यह बात सामने आई है।

