बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ का तीसरा टेस्ट मैच 1 मार्च से इंदौर में शुरू हो रहा है. टीम इंडिया 2-0 से आगे है. अपनी विजय यात्रा को वो अगले दो टेस्ट मैचों में बरकरार रखना चाहेगी और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि टीम इंडिया के लिए ये काम मुश्किल नहीं होना चाहिए। वैसे देखा जाय तो भारत का ICC टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलना लगभग पक्का है फिर भी इंदौर टेस्ट जीतकर वो अपनी संभावनाओं पर सीमेंट लगाना ज़रूर चाहेगी। वैसे तो अक्सर यही होता है कि जीतने वाली टीम अपना विनिंग कॉम्बिनेशन नहीं बदलती, इसके बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इंदौर में के एल राहुल खेलेंगे या फिर उनकी जगह शुभमण गिल नज़र आएंगे।
उपकप्तानी से हटाने के बाद छिड़ी चर्चा
दरअसल यह बात इसलिए भी उठ रही है कि इंदौर और अहमदाबाद के लिए घोषित टीम में के राहुल का नाम तो है लेकिन नाम के आगे से उपकप्तान हटा दिया गया है. अब नयी परिस्थितियों में मीडिया में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि राहुल को उपकप्तानी से हटाने का क्या यह मतलब लगाया जाय कि उन्हें तीसरे टेस्ट में ड्राप किया जाने वाला है. राहुल की अगर मौजूदा फॉर्म को देखें तो इस फैसले में किसी को भी हैरानी नहीं होगी सिवाय कोच द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के जो लगातार के एल राहुल के समर्थन खड़े दिखाई देते हैं. रोहित शर्मा ने कल भी प्रेस कांफ्रेंस में राहुल को डिफेंड करते हुए कहा कि किसी का उपकप्तान होना न होना कोई संकेत नहीं देता।
रोहित ने फिर किया बचाव
हालाँकि रोहित शर्मा को भी इस बात का एहसास है कि राहुल से रन नहीं बन रहे हैं. प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा भी कि टॉप आर्डर की नाकामी का उन्हें एहसास है, टॉप आर्डर ने उतने रन नहीं बनाये जितने बनाने चाहिए लेकिन उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही नतीजे निकलेंगे। यहाँ पर रोहित शर्मा राहुल पर अब भी विशवास जाता रहे हैं और नाकामी के लिए सीधा उन्हें ज़िम्मेदार नहीं मान रहे हैं इसकी जगह पर उन्होंने पूरे टॉप आर्डर को शामिल किया। बता दें कि वेंकटेश प्रसाद जैसे कई पूर्व क्रिकेटर लगातार राहुल की परफॉरमेंस को लेकर सवाल उठा रहे हैं. वेंकटेश प्रसाद तो लगातार मोर्चा ही खोले हुए हैं और चयनकर्ताओं से सवाल कर रहे हैं कि आखिर एक नाकाम बल्लेबाज़ के साथ टीम कबतक आगे बढ़ती रहेगी।

