Zeba Hasan
नींबू पानी नहीं अब जल जीरे का पानी, भेलपुरी में नींबू की जगह इमली की चटनी, प्याज की चटनी में नींबू की जगह सिरके ने ले ली है। घरों के फ्रिज से लेकर घरों की चौखट पर टंगने वाला नींबू मिर्ची भी गायब है। जीं हां नजर उतारने के काम आने वाले नींबू को इनदिनों नजर लग गई है। कभी 50 से 70 रपये किलो बिकने वाला नींबू 600 रुपये किलो में बिक रहा है। हद तो यह है कि चोरी की खबरें ऐसी आ रही हैं कि अब चोर सोना चांदी नहीं बल्कि नींबू को चुरा कर भाग रहे हैं।
खटाई का बढ़ गया इस्तेमाल
नींबू महंगा होने का असर सबसे ज्यादा गृहणियों पर नजर आ रहा है। दिन भर ना सिर्फ वह नींबू के महंगे होने की चर्चा करती हैं बल्कि रसोई बिना नींबू के कैसे बनाई जाए इसका गठजोड़ भी उन्हें करना पड़ रहा है। हुसैनाबाद में रहने वाली सुमन श्रीवास्तव कहती हैं कि गर्मी में तो नींबू का बहुत ज्यादा यूज करती हूं। हमारी जॉइंट फैमिली है और कई लोग सुबह उठकर नींबू पानी पीते हैं। अब तो बड़ा मुशकिल हो रहा है। यही नहीं मेरी रसोई में भी नींबू का बहुत इस्तेमाल होता है फिर वह चाहे गट्टे की सब्जी हो या फिर भरवां बैगन। अब तो नींबू की जगह बस हर चीज में खटाई का इस्तेमाल कर रही हूं।
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नींब का स्क्वैश से चल रहा काम
इन दिनों रमजान चल रहे हैं और रोजा इफ्तार के वक्त लोग नींबू का शर्बत, शिकंजी या फकिर नींबू पानी का सेवन जरूर करते हैं, लेकिन अब तो इफ्तार से नींबू का शर्बत भी गायब है। बजाजे में रहने वाली जाहिदा इदरीस ने बताया कि रमजान में नींबू का काफी इस्तेमाल होता है। फिर वह चाहे इफ्तार में बनने वाले चने हों, दाल हो या फिर फ्रूट चाट। सबसे ज्यादा तो नींबू का शबर्त पिया जाता है। अब हम शर्बत तो नहीं बना रहे मार्केट से लेमन स्क्वैश ले आई हूं उसी को बनाती हूं। हांलाकि जो बात फ्रेश नींबू के शर्बत में होती है वह इसमें नहीं मिलती।

सोशल मीडिया पर छाया है नींबू
नींबू भले ही महिलाओं के किचन से गायब है, चाट के ठेलों और दुकानों से गायब है लेकिन सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। नींबू को लेकर लोग तरह तरह के चुटकुले बना रहे हैं। ‘सम्पन्न लगता है बहन…पांच सात लोग गये थे लड़का देखने सबको शिकंजी पिलाई शिकंजी’ ‘नींबू का अचार रखने हेतु लॉकर उपलब्ध है’। ‘हजार रुपए हैं मेरे पास सोच रहा हूं 500 पेट्रोल में और 500 नींबू में निवेश कर दूं’। ‘नींबू महंगा होने की वजह से भूत प्रेतों में भारी उत्साह’ ‘सौ निब्बुओं की शक्ति वाला विम बार 5 रुपये का है और एक नींबू मिल रहा है 10 रुपए का’।
क्यों महंगा हो रहा है नींबू?
नींबू की देशभर में किल्लत हो गई है। सबसे बड़ी वजह यह है कि देश के जिन हिस्सों में नींबू का उत्पादन व्यापक स्तर पर होता है वहां भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी की मार की वजह से नींबू उत्पादन प्रभावित हुआ है। नींबू के फल शुरुआती दिनों में ही तबाह हो जा रहे हैं जिसकी वजह से उत्पादन पर बड़ा असर पड़ रहा है। तेज हवाओं और गर्मी की वजह से नींबू के फूल गिर जा रहे हैं जिसकी वजह से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। यह एक बड़ा कारण है।
नींबू पर लग गए चोर
ठेलों पर मारा-मारा फिरने वाला अदना सा नींबू इन दिनों बेशकीमती हो गया है। गर्मी के मौसम में घरों से लेकर शीतल पेय की दुकानों पर शिकंजी के शौकीन मायूस हैं। हाल यह है कि पहली बार नींबू के चोर भी सक्रिय हो गए हैं। यूपी के शाहजहांपुर में चोरों ने नींबू को निशाने पर लिया। चोरों ने एक सब्जी व्यापारी के गोदाम पर हमला बोलकर करीब 60 किलों नींबूओं पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात तो यह है कि चोरों ने गोदाम से रुपया-पैसा कुछ नहीं चुराया। चोरो ने गोदाम से नींबू के अलावा प्याज, लहसुन पर भी हाथ साफ किया। सब्जी की चोरी से व्यापारियों में नाराजगी है लेकिन चोरी की यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं जसवंतनगर के ग्राम श्याम नगर में तरुण मिश्रा के बाग से चोर पेड़ों में लगे नींबू तोड़ ले गए। उनके घर के पिछवाड़े बड़ा सा बगीचा है, उसमें अन्य वृक्षों के साथ नीबू के पेड़ लगे हुए हैं, जिनमें लगे नीबू चोरों की नजर से नहीं बच सके हैं। दरअसल एक नींबू की कीमत आठ से दस रुपये तक अथवा 250 से 300 रुपये किलो तक है। इस हिसाब से चोर बाग से हजारों रुपये के नीबू तोड़ ले गए हैं।

