मेरठ। गर्मी का मौसम तेजी से पैर पसार रहा है। वहीं दूसरी ओर तापमान भी बढ़ रहा है। गर्मी और बढ़ते तापमान के चलते अब मेरठ सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में बिजली पटरी से उतरने लगी है। इस समय दिन और रात में बिजली की मांग वृद्धि हुई है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों को तय शिड्यूल से कम आपूर्ति हो पा रही है। बिजली की मांग में लगातार वृद्धि का असर अब शहरी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड यानी पीवीवीएनएल के अंतगर्त आने वाले तमाम जिलों में अब अघोषित कटौती शुरू हो चुकी है। अभी अप्रैल में ये हाल है तो आने वाले मई और जून के महीने में बिजली संकट और गहराने की आशंका है।
Read also: Twin Towers ध्वस्तीकरण की ट्रायल प्रक्रिया शुरू,ऐेसे गिराए जाएंगे दोनों टावर
मेरठ सहित पूरे प्रदेश में अब भीषण गर्मी पडनी शुरू हो गई है। जिससे बिजली की मांग तेजी से बढ़़ी है। बिजली की मांग बढ़ने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था डगमगा गई है। बता दें कि प्रदेश में अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह में ही बिजली की 21,000 मेगावाट पहुंच रही है। जबकि सभी स्रोतों से कुल मिलाकर 20,300 मेगावाट बिजली उपलब्ध है।
पीक ऑवर्स में 600 मेगावाट आपात कटौती हो रही है। मांग और उपलब्धता में अंतर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा तहसीलों और टाउन इलाकों में तय शिड्यूल से कम आपूर्ति की जा रही है। बिजली विभाग अभी जिला मुख्यालय, मंडल मुख्यालय, के अलावा महानगरों और उद्योगों को 24 घंटे आपूर्ति के दावे कर रहा है। लेकिन अघोषित कटौती से लोगों पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है।

