सोशल मीडिया पर मुखर मुस्लिम महिलाओं की ‘नीलामी’ ‘सुल्ली डील्स’ मामले के एक साल बाद फिर वैसा ही हंगामा मच गया है। एक और घटिया ऐप ‘बुली बाई’ द्वारा मुस्लिम महिलाओ की तस्वीरों का दुरुपयोग कर पूरे समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाया गया था जिसके खिलाफ मामला दर्ज़ हुआ और इस पर कार्रवाई चल रही है।
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बुल्ली बाई विवाद 1 जनवरी से शुरू हुआ जब कई मुस्लिम महिलाओं ने खुद को एक ऐप पर ‘नीलामी’ के रूप में पाया। 1 जनवरी को महिला पत्रकार द्वारा दर्ज़ करवाए गए मामले के बाद इस केस ने लोगो का ध्यान खींचा। GitHub प्लेटफॉर्म द्वारा होस्ट किए गए ऐप ने मुस्लिम महिलाओ की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया था। मुंबई और दिल्ली की पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने दो गिरफ़्तारी की है जिसमे बेंगलुरु का एक इंजीनियरिंग छात्र और उत्तराखंड की 18 वर्षीया छात्रा को हिरासत में लिया गया है।
इस अप्प में हर आयु वर्ग के ज्वलंत राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर महिलाओ को लक्षित किया गया था जिसमे ‘नीलामी’ के लिए सूचीबद्ध लोगों में प्रमुख पत्रकार, कार्यकर्ता और वकील भी शामिल थे।
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यह एप ‘सुल्ली डील्स’ का एक क्लोन प्रतीत होता है, जिसने पिछले साल उपयोगकर्ताओं को ‘सुली’ की पेशकश करके एक विवाद पैदा कर दिया था – मुस्लिम महिलाओं के लिए दक्षिणपंथी ट्रोल द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द। वह भी GitHub द्वारा होस्ट किया गया था।
इस मामले को नेताओ का समर्थन प्राप्त हो रहा है। कांग्रेस के राहुल गांधी और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार से मंच पर नकेल कसने और दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई की मांग की है।
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ऐप के पीछे गिटहब उपयोगकर्ता को अवरुद्ध कर दिया गया था और “आगे की कार्रवाई” समन्वयित की जा रही थी। दिल्ली महिला आयोग ने इस सिलसिले में पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

