ऋषिकेश और हरिद्वार में खतरे के निशान पर पहुंची गंगा
गंगा का जलस्तर बढने से ऋषिकेश के घाट डूबे
हरिद्वार। उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में खासी बढ़ोतरी हो गयी है। ऋषिकेश और हरिद्वार में खतरे के निशान पर बह रही गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। गोरी, शारदा, अलकनंदा, मंदाकिनी और नंदाकिनी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग ने अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।
उत्तराखंड में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में कई घंटों से लगातार बारिश होने से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वहीं गंगा का जल भी खतरनाक स्तर पर आ गया है। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन स्वर्गाश्रम, त्रिवेणी और लक्ष्मण झूला के लगभग सभी गंगा घाट डूब गए हैं और मायाकुण्ड, चंद्रेश्वर नगर में पानी भर गया है। पशुलोक बैराज के सभी 15 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं टिहरी गढ़वाल में ब्यासी के पास ऋषिकेश-श्रीनगर हाईवे भूस्खलन की वजह से बंद हो गया है। पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट थाने के पास भी वाहन फंस गए है। जिले के गुलाबकोटी और कौड़िया के बीच बद्रीनाथ नेशनल हाईवे भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे भी बंद होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में मंडराया बाढ़ का खतरा
वहीं उत्तराखंड में बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़़ने से उत्तर प्रदेश भी प्रभावित होने की आशंका है। हरिद्वार में एक बराज से 3,75,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जिला प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से परहेज करने को कहा है। वहीं बिजनौर और मेरठ के हस्तिनापुर में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मेरठ प्रशासन ने खादर क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। गंगा नदी के तटीय गांव के लोगों को गंगा किनारे जाने से मना किया है।

