देहरादून। उप्र हो या फिर उत्तरांचल एक बार फिर से इन दोनों प्रदेशों में विधानसभा चुनाव (Assembly election 2022) के दौरान मोदी के प्रति मतदाताओं का भरोसा अंडर करंट के रूप में दौड़ा। जिसके बूते भाजपा ने दोनों ही प्रदेशों में सत्ता प्राप्त करने का जादुई आंकड़ा छू लिया। राज्य में पांचवीं विधानसभा चुनाव में भाजपा (BJP) के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तुरूप का पत्ता साबित हुए। जो कि पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ी कीमतों के अलावा कोरोना काल में हुई अव्यवस्था व बेरोजगारों जैसे मुद्दे पर भी भारी पड़े। मतदान के दौरान हालत ये रही कि विपक्ष को मतदाताओं ने नजरअंदाज कर दिया और दबाकर ईवीएम पर भाजपा के पक्ष में वोट डाले गए।
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मतदान से पहले प्रचार में कांग्रेस और भाजपा सहित तमाम दलों ने वोटरों को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंकी। सत्ता बदली के मिथक को बरकरार रखने के लिए कांग्रेस ने खूब लुभावने वायदें प्रदेश की जनता से किए। कांग्रेस ने हर वर्ग को लुभाने के लिए गुलाबी घोषणा दांव चला। प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा आसरा एंटी इनकंबेंसी वोटाों का था। भाजपा की सरकार में मुख्यमंत्री बदले जाने को भी कांग्रेस ने भुनाने की कोशिश की। कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीति में कामयाब होती कि इसी दौरान उत्तराखंड के चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की एंट्री हो गई। बस यहीं से बाजी पलटती चली गई और नरेंद्र मोदी के रूप में मतदाताओं में अंडर करंट दौड़ जो कि आज चुनाव परिणाम के रूप में सबसे सामने है।

