अमित बिश्नोई
मेलबोर्न में आज जो भी हुआ उसे शब्दों में बयान करना बड़ा मुशिकल है और उससे भी बड़ा मुश्किल है कोहली की इस विराट पारी को शब्दों में समेटना। विराट के ही शब्दों में उनकी यह पारी उनकी सर्वश्रेस्ट पारियों में से एक है, शायद सबसे सर्वश्रेष्ठ। जीत के बाद कोहली का भावुक होना, रोहित का उनको कंधे पर उठाना यह साबित करता है कि कोहली ने बहुत विराट कारनामा किया है, मेलबोर्न के मैदान पर यह वह नज़ारा था जो हमेशा लोगों के ज़हन में याद रहेगा। इस मैच ने इस बात को भी सच साबित कर दिया कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. कोहली की पारी इसी अनिश्चितता की कहानी को आगे बढ़ाती है. विराट की यह पारी देश को दीवाली का तोहफा कही जा सकती है.
मेलबोर्न में मौजूद 90293 दर्शकों ने आज उस मैच को देखा जिसमें क्रिकेट की हर बात मौजूद थी, हर उतार चढाव मौजूद था, कोहली का धैर्य और संयम और विश्वास मौजूद था, हार्दिक की आक्रमकता मौजूद थी, इम्पैक्ट मौजूद था, कभी हार न मानने का जज़्बा मौजूद था. कोहली की जितनी भी तारीफ की जाय कम ही कही जाएगी, पाकिस्तान के खिलाफ भारत को सिर्फ एकबार छोड़ विश्व कप में हमेशा कामयाबी मिली है, कोहली भी उस कामयाबी का हिस्सा रहे हैं लेकिन उनके चेहरे पर इतनी ख़ुशी कभी नहीं दिखी, इतना उत्साह कभी नहीं दिखा, इतनी भावुकता कभी नहीं दिखी। विराट को भी आज की पारी के बारे में बता पाना मुश्किल हो रहा था. विराट ने भी भी माना मुझे नहीं समझ में आ रहा कि मैं क्या कहूँ।
लेकिन विराट वो खिलाड़ी हैं जो गिव अप करने में यकीन नहीं रखते, आज भी उन्होंने वही किया। विराट ने जीत के बाद जो इमोशंस दिखाए वह भी इस मैच का अहम हिस्सा रहे. कोहली ने भी कहा कि मुझे नहीं मालूम कि उन्होंने क्या क्या किया, मैं बाद में जाकर देखूँगा। विराट को बड़े मैचों का खिलाडी माना जाता है शायद इसीलिए, आज उन्होंने भी कहा कि उन्हें बड़े मैचों में खेलना और परफॉर्म करना अच्छा लगता है. पाकिस्तान के खिलाफ अपनी सुपर परफॉरमेंस के बारे में विराट का मानना है कि यह भगवान की कृपा है जो मुझसे इतनी अच्छी परफॉरमेंस करवाता है.
विराट ने आज भी अपने कैरेक्टर को शो किया, असंभव को संभव कैसे बनाया जा सकता है यह कोई विराट से सीख सकता है. हार्दिक ने भी विराट की तारीफ करते हुए कहा कि कोहली दिमागी तौर पर बहुत शांत थे, जैसे जैसे मैच आगे बढ़ा उनका विशवास बढ़ता गया. बड़े खिलाडी की यही निशानी होती है कि वह सिर्फ बल्ले या गेंद से नहीं खेलता अपने दिमाग़ से भी खेलता है, विराट ने दिखाया कि बल्ले और दिमाग़ का सुंदर संगम कैसे होता है. बड़ी पारी खेलना कोई बड़ी बात नहीं होती, बड़ी पारी जब मैच जिताती है तब वह बड़ी होती है, विराट की यह पारी भी उन्हीं बड़ी पारियों में से एक है.

