मेरठ। चीन की मोबाइल कंपनी वीवो के खिलाफ मेरठ में चल रही जांच लगभग पूरी हो गई है। वीवो के अधिकारियों को जांच प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए पत्राचार और ईमेल किए गए थे। लेकिन अभी तक वीवो कंपनी के अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। अगर तय समय में वीवो कंपनी के अधिकारी अपना पक्ष नहीं रखते हैं तेा जांच टीम वीवो कंपनी के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर देंगी। बता दें कि वीवो कंपनी के खिलफ वर्ष 2020 में थाना मेडिकल में मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर एडीजी कार्यालय में तैनात एसआई ने दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक वीवो कंपनी के एक मोबाइल ईएमईआई नंबर पर करीब 13,500 से अधिक मोबाइल चलते पाए गए थे। जिसके बाद इसकी जांच तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी ने मेरठ थाना नौचंदी के तत्कालीन इंस्पेक्टर आशुतोष को दी थी।
जिसमें इंस्पेक्टर आशुतोष ने पूरे मामले की आधी अधूरी जांच कर इसमें एफआर लगा दी थी। लेकिन उसके दो साल बाद यानी 2022 में एडीजी राजीव सभरवाल और आईजी मेरठ प्रवीण कुमार ने इस केस को फिर से खोल दिया। इस पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसकी जांच अब मेरठ क्राइम ब्रांच और साइबर सेल कर रही है। जांच टीम इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज और प्राप्त साक्ष्यों को अधिकारियों के अलावा गृहमंत्रालय तक भेज रहे हैं। जिससे कि वीवो मोबाइल कंपनी की कारस्तानी की जानकारी उच्च स्तर तक पता चल रहे। इस संबंध में कई बार वीवो कंपनी के अधिकारियों को जांच में सहयोग के लिए ईमेल किए गए और पत्राचार भी किया गया। लेकिन वीवो कंपनी का कोई अधिकारी जांच टीम के सामने नहीं आया। इतना ही नहीं चीन स्थित वीवो कंपनी के मुख्य कार्यालय पर भी सूचना भेजी गई। वीवो के हेड आफिस से भी किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं भेजा गया है।

