देहरादून। संस्कृति और सभ्यता का पोषण करने वाली गंगा लगातार दूषित होती जा रही है। इसे बचाने के लिए नमामि गंगे परियोजना भी चलाई जा रही है। इसी क्रम में नमामि गंगा परियोजना के गंगादूतों, नेहरू युवा केंद्र के वॉलिंटियर्स के माध्यम से नमामि गंगे के अंतर्गत आने वाले राजधानी देहरादून के गांव गौहरी माफी में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतगर्त स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत ग्रामीणों को शपथ दिलाई जा रही है कि वे हर साल अब 100 घंटे का श्रमदान करते हुए पौधारोपण कर उनकी देखभाल भी करेंगे। इसी के साथ ही गौहरी माफी गांव को प्लास्टिक मुक्त गांव के लिए भी काम किया जा रहा है।
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नमामि गंगे जिला परियोजना अधिकारी धीरज कुमार ने जानकारी दी कि नेहरू युवा केंद्र देहरादून की युवा अधिकारी एम टोलिया के मार्गदर्शन में अब गंगादूतों द्वारा लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। लोगों को अपने गांव,गली,मोहल्ले और शहर के अलावा अपने आसपास की जगह को स्वच्छ बनाए रखने, पौधारोपण और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसी के साथ ग्रामीणों को पॉलीथिन उन्मूलन के लिए जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को कचरा प्रबंधन के अलावा डोर टू डोर जनसंपर्क और हर घर तिरंगा अभियान के बारे में प्रेरित किया जा रहा है। गौहरी माफी गांव के लोगों को गंगा नदी का जीवन में महत्व, गंगा नदी में गंदगी नहीं और गंगा में स्वच्छता व उसकी अविरलता को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गौहरी माफी के ग्राम प्रधान रोहित नौटियाल का कहना है कि गंगा गांव गौहरी माफी के युवा इसे स्वच्छ गांव बनाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। जल्द गांव स्वच्छता की दिशा में प्रदेश और देश के लिए मिसाल साबित होगा।

