लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव(UP assembly elections) के बाद सीएम का चहेरा पूरी तरह साफ हो चुका है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी कयास लगने शुरू हो गए। विपक्ष में सपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लिहाजा नेता प्रतिपक्ष सपा का ही होगा। सपा से नेता प्रतिपक्ष रहे राम गोविंद चौधरी के चुनाव हार जाने से इस बार नया चहेरा देखने को मिल सकता है।
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सपा से जो नाम सामने आ रहे उनमे पहले नंबर पर शिवपाल यादव का नाम चर्चा में है। और उन नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने की अफवाह भी उड़ा दी गयी थी, जबकि सपा नेतृत्व ने इसका खंडन यह कहकर कर दिया कि अभी विधायक दल की बैठक ही नही हुई है। इसके बाद राम अचल राजभर, लालजी वर्मा, इंद्रजीत सरोज के नाम भी चर्चा में हैं। पर बसपा ने आये होने के कारण इनका दावा कमजोर पड़ रहा है।
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मध्य विधानसभा क्षेत्र लखनऊ से विधायक चुने गए पूर्व कैबिनेट मंत्री रविदास मेहरोत्रा को फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की रेस में सबसे आगे माना जा रहा। रविदास पुराने समाजवादी होने के साथ ही एक जमीन से जुड़े हुए नेता है और जनांदोलन में भी वे सबसे आगे रहते है। 5 वर्ष विपक्ष में सपा के रहने के दौरान उन्होंने सरकार की जनविरोधी नीतियों का भी पुरजोर तरीके से विरोध कर अपनी संघर्ष क्षमता को दर्शाया। लखनऊ से मात्र दो सीटों पर ही सपा को सफलता मिली उसमे से एक रविदास की मध्य विधानसभा की सीट है। रविदास को मुलायम का करीबी होने के साथ ही अखिलेश (Akhilesh Yadav ) का भी विश्वास पात्र माना जाता जिसका उन्हें फायदा मिल सकता है।

