देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Elections) में बीजेपी भले ही दो तिहाई सीट जीत गयी हो लेकिन मतदान के बाद कुछ सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने भितरघात की शिकायत की है। चुनाव के दौरान भी इस तरह की भितरघात शिकायतों को भाजपा नेतृत्व अब गंभीरता से लेने पर विचार कर रहा है।
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सरकार बनने के बाद इस संबंध में पार्टी मंथन कर कदम उठाएगी। इससे यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि पार्टी अनुशासनहीनता किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेगी। मतदान के बाद प्रदेश की आधा दर्जन सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों द्वारा भितरघात की शिकायत की गई। शुरुआत लक्सर से पार्टी प्रत्याशी संजय गुप्ता ने की। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कठघरे में खड़ा किया।
वहीं यमुनोत्री सीट (Yamunotri seat) से प्रत्याशी केदार सिंह रावत ने कुछ कार्यकर्ताओं पर भितरघात के आरोप लगाए। हालांकि, उन्होंने नाम सार्वजनिक नहीं किए है। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा को हार मिली है। इनके अलावा चम्पावत, काशीपुर, डीडीहाट के प्रत्याशी ने भी इस तरह की शिकायत की है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार ये शिकायतें आने पर संबंधित प्रत्याशियों के बयानों से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। चुनाव में मिली सफलता के बाद पार्टी दो-तिहाई बहुमत से सरकार बना रही है। सरकार बनने के बाद भितरघात शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इनकी जांच की जाएगी और ऐसे मामलों में निर्णय लिया जाएगा। चुनाव हारे एक प्रत्याशी ने कहा कि पार्टी का वरिष्ठ कार्यकर्ता बन जो लोग पीठ में छुरा घोपने का काम कर रहे है, वह सचेत हो जाएं। ऐसे सभी व्यक्तियों को चिह्नित कर इनकी शिकायत की गई है।

