देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Elections Results) में भाजपा को दो तिहाई बहुमत हासिल तो हो गया। लेकिन वो अभी तक प्रदेश में अपना मुख्यमंत्री नहीं तय कर पाई है। मुख्यमंत्री के नाम तय करने के लिए पार्टी के नीतिनियंताओं द्वारा कशमकश जारी है। अभी तक के नामों में पुष्कर सिंह धामी की दावेदारी काफी तगड़ी मानी जा रही है। वहीं धामी के लिए प्रदेश के चार नए विधायक अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। इनमें चंपावत के कैलाश गहतोड़ी, जागेश्वर से विधायक मोहन नेहरा, रुड़की के विधायक प्रदीप के अलावा खानपुर से विधायक उमेश शर्मा ने भी अपनी सीट धामी के लिए छोड़ने के लिए कहा है। इस सभी का कहना है कि धामी को ही प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाए। इससे पहले पूर्व मंत्रिमंडल में रहे गणेश जोशी के अलावा अरविंद पांडे भी धामी को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन कर चुके हैं। अब फैसला भाजपा हाईकमान को करना है कि वो अपने विधायकों की माने या फिर किसी और दूसरे नाम को आगे लाए।
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चुनाव परिणाम आने के बाद से भाजपा का मुख्यमंत्री बनाने का खेल बिगड़ गया है। इसके जिम्मेदार भी खुद मुख्यमंत्री धामी ही हैं। क्योकि वे खटीमा से अपना चुनाव हार गए। जिसके बाद भाजपा को उत्तराखंड में मुख्यमंत्री का चेहरा तलाशने में काफी परेशानी हो रही है। भाजपा ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी(Chief Minister Pushkar Singh Dhami) के चेहरे पर चुनाव लड़ा। खुद पार्टी तो दो तिहाई बहुमत से सत्ता में आ गई। लेकिन पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए।

