देहरादून। पिछले दो साल से तबादला प्रक्रिया पर लगी रोक अब हटा ली गई है। प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद तबादला एक्सप्रेस चलेगी। तबादलों पर रोक हटाने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों की धड़कन बढ़ गई है।
दो साल से कोरोना के चलते तबादला सत्र शून्य घोषित हो चुका है। इन दो सालों में जो तबादले किए गए। वो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश पर किए गए। या फिर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिए निर्देशों के बाद हुए। बता दे कि वार्षिक तबादलों के लिए सरकार ने तबादला नीति बनाई है। जिसके अनुसार हर विभाग में 10 फीसदी तबादले होते हैं। इसके लिए 31 मार्च तक सभी विभागों को अपने स्तर पर कार्मिकों की लिस्ट बनानी होती है।
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हर साल एक अप्रैल को शासन, विभाग, मंडल और जिला स्तर पर तबादला समिति बना दी जाती हैं। उसके बाद 15 अप्रैल तक प्रत्येक संवर्ग के सुगम-दुर्गम क्षेत्र के कार्यस्थल, पात्र कर्मचारियों व उपलब्ध और रिक्तियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड की जाती है। इसके बाद 20 अप्रैल तक अनिवार्य तबादलों के लिए पात्र कार्मिकों से विकल्प मांग लिए जाते हैं। विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरते हुए 10 जून तक तबादला आदेश जारी होते हैं।
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कोरोना संक्रमण लहर (Corona infection wave) कमजोर हो गई है। कोरोना को रोकने के लिए लगाए गए सभी प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं। अब इस साल तबादला प्रक्रिया फिर से शुरू होगी।

